गरियाबंद में नवीन व्यवहार न्यायालय भवन के लिए सवा 11 करोड़ की मिली स्वीकृति

जिला मुख्यालय गरियाबंद में विधायक रोहित साहू के प्रयासों से व्यवहार न्यायालय के लिए नवीन सर्वसुविधायुक्त भवन हेतु 11.26 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। नए भवन में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का प्रबंध होगा, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बनेगी।

Jan 19, 2026 - 19:57
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गरियाबंद में नवीन व्यवहार न्यायालय भवन के लिए सवा 11 करोड़ की मिली स्वीकृति

UNITED NEWS OF ASIA. रुपेश साहू, गरियाबंद। जिला मुख्यालय गरियाबंद में न्याय व्यवस्था को आधुनिक और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप जिला मुख्यालय में व्यवहार न्यायालय के नवीन सर्वसुविधायुक्त भवन के निर्माण हेतु छत्तीसगढ़ शासन के विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा 11.26 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

विधायक रोहित साहू ने पिछले कई वर्षों से न्यायालयीन परिसर की समस्याओं और सीमित जगह को लेकर शासन स्तर पर पत्राचार कर नए भवन की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा था। पुराने भवन में तीन अलग-अलग न्यायालय संचालित हो रहे हैं, जिसके कारण अधिवक्ताओं और न्याय पाने आए पक्षकारों के लिए सुविधाओं की कमी थी।

सुविधाओं से सम्पन्न होगा नया भवन

सवा 11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया सिविल कोर्ट भवन निम्नलिखित सुविधाओं से लैस होगा:

  • न्यायाधीशों के लिए पर्याप्त और सुसज्जित चैंबर

  • अधिवक्ताओं के लिए व्यवस्थित कक्ष और बैठक सुविधा

  • आम नागरिकों के लिए बैठने, स्वच्छ पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं

  • तकनीकी सुविधाओं और डिजिटल रिकॉर्ड का प्रबंध

  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम

  • वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग क्षेत्र

जनता और न्याय के बीच की दूरी होगी कम

विधायक रोहित साहू ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि नया भवन न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए काम करने में सुगमता लाएगा और दूर-दराज से आने वाले ग्रामीण नागरिकों को बेहतर वातावरण प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा।

नवीन भवन की स्वीकृति पर आभार

भवन की स्वीकृति मिलने पर गरियाबंद जिला अधिवक्ता संघ, तहसीलों के अधिवक्ता संघ और स्थानीय नागरिकों ने विधायक रोहित साहू का आभार व्यक्त किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुराने भवन में जगह की कमी और सुविधाओं की कमी के कारण कार्य में चुनौतियां आती थीं, जो नए भवन के निर्माण के बाद दूर हो जाएंगी।