क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए 50 वर्षों की रूपरेखा पर काम कर रहा हूँ – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल
एमसीबी जिले के चिरमिरी–मनेंद्रगढ़ में आयोजित पत्रकार संवाद कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि वे क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए 50 वर्षों की दीर्घकालिक योजना पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, रेलवे, जल संसाधन और कोयला खदानों से जुड़े विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
UNITED NEWS OF ASIA. हेमेन्द्र कोरबा | एमसीबी जिले के चिरमिरी–मनेंद्रगढ़ में आयोजित नववर्ष मिलन समारोह एवं पत्रकार संवाद कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी दीर्घकालिक सोच साझा की। उन्होंने कहा कि वे केवल तात्कालिक योजनाओं पर नहीं, बल्कि आने वाले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर संतुलित विकास की रूपरेखा पर काम कर रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के सशक्त स्तंभ हैं और समाज की वास्तविक समस्याओं को सामने लाने में उनकी अहम भूमिका रहती है। पिछले दो वर्षों में पत्रकारों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लिया गया है और जनहित से जुड़ी व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल पर न्यायालय द्वारा संज्ञान लिया जाना इस दिशा में बड़ा उदाहरण है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 10 से बढ़ाकर 15 कर दी गई है। फिजियोथेरेपी सेवाओं और मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की क्षमता में भी वृद्धि की गई है।
मनेंद्रगढ़ में लंबे समय से मेडिकल कॉलेज की मांग को अब पूरा किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज परिसर में ही नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जबकि चिरमिरी में नर्सिंग कॉलेज को आईआईटी पैटर्न पर विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही पॉलिटेक्निक कॉलेज का संचालन भी प्रारंभ हो चुका है।
रेलवे कनेक्टिविटी पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि रेलवे परियोजनाओं के लिए स्वीकृत राशि 241 करोड़ से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये से अधिक कर दी गई है। चिरमिरी–बिलासपुर रेल मार्ग को रायपुर तक विस्तारित करने के प्रयास जारी हैं।
सड़क अधोसंरचना के अंतर्गत 350 करोड़ रुपये की लागत से 100 से अधिक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। हसदेव नदी पर प्रदेश का सबसे ऊंचा मेरो–उधनापुर पुल, पाराडोल पुल और खड़गवां को जोड़ने वाली सड़क निर्माणाधीन है। चिरमिरी–खड़गवां शॉर्टकट रोड का चौड़ीकरण कार्य भी प्रगति पर है।
जल संसाधन विभाग की योजनाओं पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि चिरमिरी में 185 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना की एनओसी प्रक्रिया चल रही है। केवई नदी परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित डैम से लगभग 6000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विकास के लिए सभी वर्गों और राजनीतिक दलों के सुझावों का स्वागत है। मई के प्रथम सप्ताह में पत्रकारों के साथ पुनः संवाद बैठक आयोजित की जाएगी।