अवैध धान कारोबार पर प्रशासन का शिकंजा, नगरी-मगरलोड में फर्में सील, वाहन जब्त
धमतरी जिले में अवैध धान संग्रहण और विक्रय के विरुद्ध जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर नगरी और मगरलोड विकासखंड में कई फर्मों को सील किया गया, धान जब्त किया गया तथा अवैध परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को कब्जे में लिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी | जिले में अवैध धान कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले में अवैध रूप से धान का संग्रहण, विक्रय एवं परिवहन करने वाली फर्मों और कोचियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 18 जनवरी 2026 को नगरी और मगरलोड विकासखंड में संयुक्त जांच कर सख्त कार्रवाई की गई।
नगरी विकासखंड में विकासखंड स्तरीय उड़नदस्ता दल, राजस्व विभाग एवं मंडी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम बोराई स्थित रोशन ट्रेडर्स (संचालक पद्म भंसाली), ग्राम घुटकेल स्थित शिवम ट्रेडर्स (संचालक सुमित खंडेलवाल) एवं साहू ट्रेडर्स (संचालक सीताराम साहू), साथ ही ग्राम आमाबहरा स्थित पीयूष ट्रेडर्स (संचालक राकेश नाग) के यहां गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
जांच में यह सामने आया कि संबंधित फर्मों द्वारा धान के संग्रहण और व्यापार में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। अनियमितताओं के आधार पर कलेक्टर जिला धमतरी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नगरी के आदेश के परिपालन में इन फर्मों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 126 एवं 135(3) के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और संबंधित परिसरों को सील किया गया।
इसी प्रकार मगरलोड तहसील में संत राम साहू पिता बृज लाल साहू एवं इंदु प्रकाश पिता उदय साहू, दोनों निवासी ग्राम मगरलोड, द्वारा मंडी अधिनियम 1972 का बार-बार उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से धान का संग्रहण और परिवहन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान दोनों कोचियों के पास से अवैध रूप से संग्रहित धान तथा परिवहन में प्रयुक्त वाहन को जब्त किया गया।
प्रशासन द्वारा दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 170, 126B एवं 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा और शासन की खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध धान कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों, फर्मों और कोचियों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।