मुख्यमंत्री ने ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ को दिखाई हरी झंडी, ग्रामीण विद्यार्थियों तक पहुंचेगी AI और रोबोटिक्स की शिक्षा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा परिसर से ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ के तहत मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को रवाना किया। इस पहल के माध्यम से पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3डी प्रिंटिंग और अन्य आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Jul 15, 2026 - 16:59
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मुख्यमंत्री ने ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ को दिखाई हरी झंडी, ग्रामीण विद्यार्थियों तक पहुंचेगी AI और रोबोटिक्स की शिक्षा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा परिसर से ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ के अंतर्गत संचालित मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विज्ञान और नई तकनीकों से जोड़कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों और सरस्वती शिशु मंदिरों तक पहुंचेगी। यहां विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच प्रशिक्षकों की टीम प्रत्येक विद्यालय में तीन से पांच दिन की कार्यशाला आयोजित करेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए जरूरी है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी आधुनिक विज्ञान और तकनीक की मुख्यधारा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल लैब केवल तकनीकी प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता विकसित करने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है।

उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया AI, रोबोटिक्स, ड्रोन और डिजिटल तकनीकों की ओर तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय में गांव के विद्यार्थियों को भी समान अवसर मिलना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा में पीछे न रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति का भी उद्देश्य विद्यार्थियों में कौशल, नवाचार और रचनात्मक सोच विकसित करना है तथा यह पहल उसी दिशा में सार्थक कदम है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज का समय विज्ञान और तकनीक का है। ऐसे में ग्रामीण विद्यार्थियों को भी वही अवसर मिलना चाहिए जो बड़े शहरों के विद्यार्थियों को उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल लैब के माध्यम से विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्वयं ड्रोन उड़ाने, रोबोट संचालित करने, 3डी मॉडल तैयार करने और आधुनिक उपकरणों पर कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब का निरीक्षण किया। प्रशिक्षकों ने उन्हें लैब में उपलब्ध उपकरणों, प्रशिक्षण मॉड्यूल और शिक्षण प्रणाली की जानकारी दी। दोनों नेताओं ने AI, रोबोटिक्स और ड्रोन सहित विभिन्न तकनीकी उपकरणों का अवलोकन किया तथा फीडबैक बोर्ड पर अपने विचार भी दर्ज किए।

यह पहल पंडरिया विधायक भावना बोहरा की ओर से शुरू की गई है। पहले वर्ष में पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी कौशल और नवाचार की भावना विकसित होने के साथ उन्हें भविष्य के रोजगार और करियर के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।