बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से बढ़ रहा बेटियों का आत्मविश्वास, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता

छत्तीसगढ़ में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंगौटी में आयोजित शिविर में छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार और महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी गई।

Jul 15, 2026 - 11:16
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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से बढ़ रहा बेटियों का आत्मविश्वास, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में संचालित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंगौटी में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें अधिक जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना था।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए और विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के उपाय बताए। इसके साथ ही बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर हेल्पलाइन 1930 का उपयोग करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई। छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।

शिविर के दौरान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, मासिक धर्म स्वच्छता, वित्तीय साक्षरता और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया। छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित विभिन्न सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना और सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी विभिन्न महिला एवं बालिका हितैषी योजनाओं की जानकारी भी दी। छात्राओं और पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर अपने भविष्य को अधिक सुरक्षित और सशक्त बना सकें।

बाल संरक्षण अधिकारियों ने बाल विवाह के दुष्परिणाम, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों तथा सड़क एवं यातायात सुरक्षा नियमों पर भी विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने छात्राओं से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण, हिंसा या आपात स्थिति का सामना करना पड़े तो बिना किसी संकोच के संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें और समय रहते सहायता प्राप्त करें।

महिला एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि प्रदेशभर में इस प्रकार के जागरूकता शिविरों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करने और सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।