बेमेतरा में कलेक्टर का आकस्मिक निरीक्षण, एक शिक्षक निलंबित, कई शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस
बेमेतरा जिले में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने विभिन्न शासकीय स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक शिक्षक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित मिलने पर निलंबित कर दिया गया, जबकि शिक्षण कार्य के दौरान पुस्तक स्कैनिंग और अन्य अनियमितताओं के कारण कई शिक्षकों एवं एक विद्यालय अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेमलता पदमाकर ने 16 जुलाई 2026 को विकासखंड नवागढ़ के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था, साफ-सफाई, शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की।
निरीक्षण के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला खैरी में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) सुरेन्द्र कुमार बारले बिना किसी पूर्व सूचना के अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। इसे शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन के रूप में मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बेरला निर्धारित किया गया है।
इसके बाद निरीक्षण दल ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, नवागढ़ का भी दौरा किया। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की खराब स्थिति और अव्यवस्था मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। इस मामले में विद्यालय की अधीक्षिका चन्द्रप्रभा बंजारे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला नांदल के निरीक्षण के दौरान एक और गंभीर स्थिति सामने आई। यहां कुछ शिक्षक अध्यापन कार्य के समय पुस्तकों की स्कैनिंग करते हुए पाए गए, जबकि तीन शिक्षक अवकाश पर होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कारण बताओ सूचना जारी करने के निर्देश दिए।
कारण बताओ नोटिस प्राप्त करने वाले शिक्षकों में सुमेन्त खरे, तुलाराम हीरवानी, जग्गु राम चन्द्राकर, अनिता भानु, विजय प्रताप सिंह भारद्वाज तथा शिवकुमार ध्रुव शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि शिक्षण अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का गैर-शैक्षणिक कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी, बेमेतरा ने जिले के सभी संस्था प्रमुखों और शिक्षकों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि पुस्तक स्कैनिंग या अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य केवल विद्यालयीन शिक्षण कार्य समाप्त होने के बाद ही किए जाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी परिस्थिति में प्रभावित न हो।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों का अवकाश भी तभी स्वीकृत किया जाए, जब उससे विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अध्यापन कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और विद्यार्थियों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी विद्यालयों में अनुशासन, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।