खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: पुरुष हॉकी फाइनल में ओडिशा ने झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक
रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पुरुष हॉकी फाइनल में ओडिशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले में ओडिशा की रणनीति और टीमवर्क निर्णायक साबित हुआ।
UNITED NEWSA OF ASIA . अमृतेश्रावर सिंह, रायपुर। में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले गए पुरुष हॉकी फाइनल मुकाबले में ओडिशा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड को 4-1 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। यह मुकाबला रोमांच और प्रतिस्पर्धा से भरपूर रहा, जिसमें दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया।
मैच की शुरुआत में झारखंड की टीम ने आक्रामक अंदाज अपनाया और पहले ही क्वार्टर में 1-0 की बढ़त बना ली। झारखंड के खिलाड़ियों ने तेज पासिंग और आक्रामक रणनीति के जरिए ओडिशा की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाया। इस शुरुआती बढ़त से झारखंड के खेमे में उत्साह का माहौल था।
हालांकि, दूसरे क्वार्टर में ओडिशा की टीम ने जबरदस्त वापसी की। टीम ने अपने खेल की गति बढ़ाई और बेहतरीन तालमेल के साथ दो शानदार गोल दागकर मुकाबले में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। इस दौरान ओडिशा के खिलाड़ियों ने संयम और रणनीति का बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे झारखंड की टीम दबाव में आ गई।
तीसरे क्वार्टर में मुकाबला और अधिक रोमांचक हो गया। दोनों टीमों ने गोल करने के कई प्रयास किए, लेकिन ओडिशा की मजबूत डिफेंस और गोलकीपिंग ने झारखंड को सफल नहीं होने दिया। इसी बीच ओडिशा ने एक और गोल कर स्कोर 3-1 कर लिया और मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
अंतिम क्वार्टर में झारखंड ने वापसी करने की पूरी कोशिश की, लेकिन ओडिशा की सधी हुई रणनीति और बेहतर समन्वय के सामने वह सफल नहीं हो सकी। ओडिशा ने इस क्वार्टर में भी एक और गोल दागकर अपनी बढ़त को 4-1 तक पहुंचा दिया और अंततः मैच को अपने नाम कर लिया।
पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन ओडिशा की टीम का संतुलित खेल, सटीक पासिंग और मजबूत डिफेंस निर्णायक साबित हुआ। खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल और कोचिंग रणनीति ने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
इस जीत के साथ ओडिशा ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के पुरुष हॉकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि झारखंड की टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। यह मुकाबला दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक रहा और खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने सभी का दिल जीत लिया।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से देश के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है और खेलों को बढ़ावा मिलता है। रायपुर में आयोजित यह प्रतियोगिता भी युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच साबित हुई है, जहां उन्होंने अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।