डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर सरकार हठधर्मिता छोड़े, तुरंत निर्णय ले: कांग्रेस
कांग्रेस ने डीएड अभ्यर्थियों की लंबित नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद 2300 से अधिक पदों पर नियुक्ति नहीं होना अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने डीएड अभ्यर्थियों की लंबित नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि अभ्यर्थी अपनी जायज मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह ने जारी बयान में कहा कि डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति के संबंध में न्यायालय का आदेश भी मौजूद है। इसके बावजूद सरकार की ओर से नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया जा रहा है, जिससे अभ्यर्थियों में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले बीएड चयनित अभ्यर्थियों को पद से हटाकर उनका समायोजन किया था, ऐसे में अब डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति में देरी समझ से परे है।
कांग्रेस के अनुसार सहायक शिक्षक के 2300 से अधिक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थी रायपुर के माना धरना स्थल पर पिछले 206 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। लगातार खुले में धरना देने के कारण अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मौसम की मार, मानसिक तनाव और लंबे आंदोलन के चलते कई अभ्यर्थियों की तबीयत भी खराब हुई है।
सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए जल सत्याग्रह, अंगारों पर चलना, दंडवत यात्रा और मुख्यमंत्री निवास घेराव जैसे कई शांतिपूर्ण आंदोलन किए हैं। इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।
कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लगभग 57 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। ऐसे में 2300 डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति में देरी शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों दोनों के हित में नहीं है। पार्टी का कहना है कि चयनित अभ्यर्थियों को न्यायालय के आदेश के अनुरूप जल्द नियुक्ति दी जानी चाहिए।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह हठधर्मिता छोड़कर डीएड अभ्यर्थियों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय ले। साथ ही आंदोलन के दौरान बीमार पड़े अभ्यर्थियों के समुचित इलाज की व्यवस्था कर आंदोलन का समाधान निकाले।