जानकी-1 की ऐतिहासिक जीत: सेंसर के आगे नारी शक्ति विजयी, दर्शकों ने खुद में देखा रघु-जानकी का प्रतिबिंब
एन माही फिल्म प्रोडक्शन की बहुप्रतीक्षित फिल्म जानकी-1 छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में रिलीज़ हो चुकी है। सेंसर बोर्ड की रोक के खिलाफ कानूनी लड़ाई जीतकर रिलीज़ हुई इस महिला प्रधान फिल्म ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। फिल्म को नारी शक्ति, सामाजिक संघर्ष और मनोरंजन का सशक्त संगम बताया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA.हसीब अख्तर, रायपुर। लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित एन माही फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनी बहुचर्चित फिल्म जानकी भाग-1 ने आखिरकार सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है। निर्माता, कहानीकार और एक्शन डिज़ाइनर मोहित साहू की यह फिल्म केवल एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं, बल्कि नारी शक्ति, सामाजिक संघर्ष और सशक्तिकरण का प्रतीक बनकर उभरी है। सेंसर बोर्ड द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को मुंबई हाईकोर्ट में चुनौती देकर मिली जीत को न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश की महिलाओं की जीत माना जा रहा है।
फिल्म के पहले ही दिन दर्शकों की भारी भीड़ ने इसकी लोकप्रियता साबित कर दी। राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा स्थित श्याम टॉकीज में पहले शो के दौरान सिनेमा हॉल से लेकर सड़क तक दर्शकों की भीड़ देखी गई। लगभग आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा, लेकिन लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। शो से बाहर निकले दर्शकों ने कहा कि उन्होंने फिल्म के मुख्य किरदार रघु और जानकी की झलक खुद में देखी।
फिल्म में रघु की भूमिका अभिनेता दिलेश साहू ने निभाई है, जो अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को बांधते हैं। वहीं जानकी के किरदार में अनिकृति चौहान ने एक साधारण ग्रामीण युवती से सशक्त नारी बनने का प्रभावशाली सफर दिखाया है। दर्शकों ने इस जोड़ी की तुलना पुष्पा के अल्लू अर्जुन और श्रीवल्ली से करते हुए इसे बेहद प्रभावी बताया।
जानकी-1 एक महिला प्रधान फिल्म है, जिसमें एक्शन, रोमांच, रोमांस और सामाजिक संदेश का संतुलित मेल देखने को मिलता है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी, संगीत और एक्शन सीक्वेंस इसकी बड़ी ताकत हैं। बॉलीवुड के नामचीन गायकों कैलाश खैर, शान, जावेद अली, देव नेगी और नक्काश अजीज़ की आवाज़ ने फिल्म के संगीत को ऊंचाई दी है। कैलाश खैर द्वारा गाया गया टाइटल सॉन्ग और मोनिका वर्मा के जस गीत दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं।
यह फिल्म नौ भाषाओं—हिंदी, छत्तीसगढ़ी, गुजराती, सिंधी, उड़िया, भोजपुरी, बंगाली, तमिल और तेलुगु—में बनी है, जिससे इसे पैन इंडिया पहचान मिली है। दर्शकों ने फिल्म को सपरिवार देखने योग्य बताते हुए 5 में से साढ़े चार स्टार की रेटिंग दी है और जानकी-2 का बेसब्री से इंतजार करने की बात कही है।
जानकी-1 सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि यह संदेश है कि नारी जब जिद पर आती है, तो कोई भी शक्ति उसे रोक नहीं सकती।