हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जानमाल की सुरक्षा के लिए जन-जागरूकता जरूरी – कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी

रायगढ़ जिले में मानव-हाथी द्वंद्व से होने वाली क्षति को रोकने के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जन-जागरूकता, विद्युत सुरक्षा और विभागीय समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

Jan 25, 2026 - 11:39
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हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जानमाल की सुरक्षा के लिए जन-जागरूकता जरूरी – कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़। जिले में जंगली हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी द्वंद्व के कारण होने वाली जन-धन की क्षति को रोकने के उद्देश्य से वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी ने की। बैठक में वन, राजस्व, पुलिस, विद्युत, कृषि सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर चतुर्वेदी ने स्पष्ट कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जानमाल की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने, कोटवारों एवं ग्रामीण स्वयंसेवकों को सतर्क रखने तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में विशेष रूप से हाथी प्रभावित वन एवं ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरने वाली विद्युत लाइनों की सुरक्षा पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी विद्युत लाइनों को मानक ऊंचाई पर संधारित रखा जाए, नीचे झूल रहे तारों को तत्काल दुरुस्त किया जाए तथा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। विद्युत सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेने की बात कही गई।

कलेक्टर ने फसल, संपत्ति एवं अन्य क्षति के मामलों में त्वरित सर्वेक्षण, आकलन और समयबद्ध मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अमलों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और आवश्यक दस्तावेजों को समय पर पूर्ण करने को कहा। मृत्यु प्रकरणों में मुआवजा भुगतान में देरी न हो, इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट की स्पष्टता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु चिकित्सकों को आवश्यक प्रशिक्षण देने पर भी चर्चा की गई।

बैठक में हाथी मूवमेंट वाले मार्गों और सड़कों पर यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने में पुलिस विभाग की सक्रिय भूमिका पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही अवैध शिकार और वन उपज के अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी रखते हुए नियमित पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए।

कृषि कार्यों के दौरान विद्युत सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने, किसानों को सुरक्षित और स्थायी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा विद्युत विभाग में लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण पर सहमति बनी। बैठक में हाथी गतिविधियों की निगरानी के लिए टेक्नोलॉजी आधारित उपाय अपनाने, सूचना तंत्र को मजबूत करने और मुआवजा प्रकरणों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।

बैठक के अंत में सभी विभागों ने समन्वित प्रयासों से मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को न्यूनतम करने का संकल्प लिया।