पुरी रथयात्रा में शामिल हुए डॉ. संपत अग्रवाल, महाप्रभु से छत्तीसगढ़ की खुशहाली का मांगा आशीर्वाद

बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने सपरिवार और क्षेत्र के श्रद्धालुओं के साथ पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा में भाग लिया। उन्होंने महाप्रभु के दर्शन कर रथ की रस्सी खींची तथा छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने जगन्नाथ संस्कृति को समरसता, सेवा और समानता का प्रतीक बताया।

Jul 17, 2026 - 13:06
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पुरी रथयात्रा में शामिल हुए डॉ. संपत अग्रवाल, महाप्रभु से छत्तीसगढ़ की खुशहाली का मांगा आशीर्वाद

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर ओडिशा के जगन्नाथपुरी धाम में आयोजित विश्वप्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के साथ बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल भी अपने परिवार और क्षेत्र के श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुए। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

नीलाचल धाम पहुंचने पर डॉ. संपत अग्रवाल ने सपरिवार मंदिर में विराजमान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के विग्रहों के दर्शन किए। उन्होंने महाप्रभु के चरणों में शीश नवाकर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि, निरोगी जीवन और प्रदेश के निरंतर विकास की प्रार्थना की।

दर्शन के बाद डॉ. संपत अग्रवाल ने भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ की पवित्र रस्सी को श्रद्धापूर्वक खींचकर रथयात्रा में सहभागिता निभाई। उन्होंने इसे अपने जीवन का अत्यंत सौभाग्यपूर्ण और आध्यात्मिक अनुभव बताते हुए कहा कि महाप्रभु की कृपा से उन्हें इस ऐतिहासिक और दिव्य आयोजन का हिस्सा बनने का अवसर मिला।

डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि भगवान जगन्नाथ केवल एक देवता नहीं, बल्कि समरसता, सेवा, समानता और मानवता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि रथयात्रा का संदेश यह है कि भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं और सभी को समान भाव से दर्शन देते हैं। यही भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता है।

उन्होंने गजपति महाराज द्वारा निभाई जाने वाली पारंपरिक "छेरा पहंरा" रस्म का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा बताती है कि भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। चाहे कोई राजा हो या सामान्य व्यक्ति, महाप्रभु के समक्ष सभी समान हैं और सभी उनके सेवक हैं। यह परंपरा समाज को विनम्रता और सेवा का संदेश देती है।

डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि बसना क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं के साथ इस पावन यात्रा में शामिल होना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि महाप्रभु से उनकी यही प्रार्थना है कि छत्तीसगढ़ सदैव अन्न-धन से परिपूर्ण रहे, प्रदेश में सुख-शांति बनी रहे और प्रत्येक परिवार का जीवन खुशहाल हो।

विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि तथा देश-विदेश से पहुंचे लाखों श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्ति, आस्था और उत्साह से सराबोर इस आयोजन में डॉ. संपत अग्रवाल ने श्रद्धालुओं के साथ आध्यात्मिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि जगन्नाथ संस्कृति समाज को एकता, सेवा, भाईचारे और समानता का संदेश देती है तथा ऐसे धार्मिक आयोजन सामाजिक समरसता को और अधिक मजबूत बनाते हैं।