ग्रामीण का न्योता, मुख्यमंत्री का अपनापन: पीएम आवास से बना सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेश
कवर्धा के ग्राम लोखान में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब एक ग्रामीण के निमंत्रण पर मुख्यमंत्री उनके घर पहुंचे और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने नए घर का गृह प्रवेश कराया। “आवास कोन भेजिस?” के सवाल पर ग्रामीण का जवाब “मोदी जी ने” इस पूरे घटनाक्रम को और भी भावनात्मक बना गया।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में आज एक ऐसा भावनात्मक और आत्मीय दृश्य देखने को मिला, जिसने शासन और आमजन के रिश्ते को एक नई परिभाषा दे दी। जब एक साधारण ग्रामीण के सादे निमंत्रण को स्वीकार करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai उसके घर पहुंचे और प्रधानमंत्री आवास योजना से बने नए घर का गृह प्रवेश कराया।
ग्राम लोखान निवासी मोहन मरावी के नए पक्के घर का गृह प्रवेश था। मुख्यमंत्री के गांव दौरे की जानकारी मिलते ही मोहन मरावी ने सीधे उनसे मिलकर अपने घर आने का न्योता दे दिया। यह एक साधारण ग्रामीण का सच्चा और भावनात्मक निमंत्रण था, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरी सहजता और अपनत्व के साथ स्वीकार किया।
मुख्यमंत्री के घर पहुंचते ही माहौल पूरी तरह पारिवारिक हो गया। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के नारियल फोड़ा, दीप प्रज्वलित किया और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ गृह प्रवेश की रस्म पूरी कराई। इस दौरान परिवार के चेहरे पर खुशी, गर्व और संतोष साफ झलक रहा था। आसपास के ग्रामीणों ने भी इस दृश्य को उत्साहपूर्वक देखा और मुख्यमंत्री की सादगी की सराहना की।
इस दौरान एक छोटा लेकिन बेहद प्रभावशाली संवाद भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए पूछा—“आवास कोन भेजिस?” जिस पर मोहन मरावी ने सहजता से जवाब दिया—“मोदी जी ने।” यह संवाद इस पूरे घटनाक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण बन गया, जो सीधे तौर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi की योजनाओं के जमीनी असर को दर्शाता है।
मोहन मरावी ने बताया कि उनका घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिला है। पहले वे कच्चे मकान में रहते थे, लेकिन 2024–25 में योजना स्वीकृत होने के बाद उन्होंने अपने मेहनत और संसाधनों से चार कमरों का मजबूत पक्का घर तैयार किया। उन्होंने खुद ईंट बनाकर इस घर का निर्माण किया, जो उनके संकल्प और आत्मनिर्भरता की मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने घर की गुणवत्ता और परिवार की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं और उसमें लोगों की भागीदारी जुड़ती है, तभी विकास का वास्तविक स्वरूप सामने आता है। उन्होंने इस उदाहरण को जनभागीदारी और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया।
मोहन मरावी को योजना की राशि तीन किस्तों में मिली, जिसका उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया। मुख्यमंत्री ने परिवार को नए घर की बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इसे पूरे गांव के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
यह घटना न सिर्फ एक घर का गृह प्रवेश थी, बल्कि यह उस भरोसे और जुड़ाव की तस्वीर थी, जहां शासन की योजनाएं सीधे लोगों के जीवन में बदलाव ला रही हैं।