निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान जमीन पर बैठकर मुख्यमंत्री ने खाया बोरे बासी: श्रमिकों संग भोजन, मौके पर ही पेयजल योजना के निर्देश

May 4, 2026 - 16:58
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निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान जमीन पर बैठकर मुख्यमंत्री ने खाया बोरे बासी: श्रमिकों संग भोजन, मौके पर ही पेयजल योजना के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | सुशासन तिहार के तहत कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने शासन और आमजन के बीच के रिश्ते को जीवंत रूप में सामने ला दिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान सीधे श्रमिकों के बीच पहुंच गए और उनके साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया।

निरीक्षण के दौरान यह दौरा केवल कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मुख्यमंत्री के सहज व्यवहार और जनसरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता का भी उदाहरण बन गया। उनके अचानक पहुंचने से श्रमिकों में उत्साह का माहौल बन गया और सभी ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

इसी दौरान वहां काम कर रही महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को सादगी भरे अंदाज में दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के इस निमंत्रण को स्वीकार किया और मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि वे खाने में क्या लाई हैं। महिलाओं ने बताया कि वे घर से पारंपरिक छत्तीसगढ़ी भोजन—बोरे बासी, पान पुरवा रोटी, चना भाजी, चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आमा की चटनी लेकर आई हैं।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के बीच जमीन पर बैठकर उनके टिफिन से ही भोजन किया। बोरे बासी और आमा चटनी का स्वाद लेते हुए उन्होंने कहा कि यह भोजन उनकी संस्कृति और जीवनशैली से जुड़ा हुआ है। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावनात्मक और यादगार बन गया।

भोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिक बहनों से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक भी लिया। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। महिलाओं ने भी खुले मन से अपने अनुभव साझा किए, जिससे योजनाओं की जमीनी स्थिति सामने आई।

जब गांव की समस्याओं पर चर्चा हुई, तो महिलाओं ने पहाड़ी क्षेत्र में पेयजल संकट की गंभीर समस्या बताई। उन्होंने बताया कि बोरवेल और हैंडपंप लंबे समय तक काम नहीं करते, जिससे गर्मी में पानी की समस्या और बढ़ जाती है।

मुख्यमंत्री ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही कलेक्टर से जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि 26 गांवों के लिए एक विशेष पेयजल योजना तैयार है, जिसके तहत दूरस्थ जल स्रोतों से पाइपलाइन के जरिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि योजना को तुरंत स्वीकृति देकर धरातल पर काम शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को जल्द राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सुशासन का मतलब यही है कि योजनाएं समय पर और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचें।

यह पूरा घटनाक्रम सिर्फ एक निरीक्षण नहीं, बल्कि जनसरोकार, संवेदनशीलता और जमीनी शासन का एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया, जहां “जमीन पर भोजन” के साथ “जमीन पर फैसला” भी लिया गया।