विश्व पर्यावरण दिवस पर रायगढ़ में हरित विकास का महाअभियान, जल संरक्षण और वृक्षारोपण को मिलेगी नई गति

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत ग्राम पंचायतों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता गतिविधियां संचालित होंगी। जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर विशेष जोर रहेगा।

Jun 4, 2026 - 19:18
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विश्व पर्यावरण दिवस पर रायगढ़ में हरित विकास का महाअभियान, जल संरक्षण और वृक्षारोपण को मिलेगी नई गति

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन के निर्देशन में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान तथा वीबी-जीराम जी कार्यक्रम के अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा को मजबूत करना है। ग्राम पंचायतों, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया जाएगा।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे ने बताया कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के क्षेत्र में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 791 जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत और क्रियान्वित किए गए। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 288 नए कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने, भूजल स्तर में सुधार लाने तथा वर्षा जल के संरक्षण को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं।

जिले में अमृत सरोवर, तालाब, जलाशय, स्टॉप डैम और अन्य जल संरचनाओं के विकास के माध्यम से जल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार मिला है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्य भी किए जा रहे हैं। वर्ष 2025-26 में व्यक्तिगत वृक्षारोपण, ब्लॉक प्लांटेशन और सड़क किनारे वृक्षारोपण सहित 416 कार्यों में 68 हजार 247 पौधे स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 46 हजार 23 पौधों का रोपण पूरा किया जा चुका है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों के लिए आय और आजीविका के नए अवसर भी उपलब्ध करा रही है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर जिले के सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान, जल संरक्षण शपथ, वर्षा जल संचयन जागरूकता कार्यक्रम तथा अमृत सरोवरों के आसपास वृक्षारोपण गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में चित्रकला, निबंध एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। वहीं ‘एक बच्चा-एक पौधा’ अभियान इस वर्ष का प्रमुख आकर्षण रहेगा। ग्राम सभाओं और जनसंवाद कार्यक्रमों में मानसून पूर्व जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा, आगामी वृक्षारोपण योजनाओं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में जनभागीदारी को लेकर चर्चा होगी।

5 जून को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही स्वच्छ ग्राम निर्माण और कचरा प्रबंधन से जुड़े संकल्प लिए जाएंगे। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और इसे जनआंदोलन बनाने की अपील की है।