रायगढ़ में एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायत सचिवों का प्रशिक्षण आयोजित

रायगढ़ जिले के घरघोड़ा, धरमजयगढ़ और तमनार जनपद पंचायतों में ग्राम पंचायत सचिवों के लिए एसडब्ल्यूएम नियम-2026 विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, कचरा पृथक्करण, घर-घर संग्रहण और एमआरएफ केंद्रों के संचालन पर विस्तार से जानकारी दी गई। सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

Jun 4, 2026 - 18:30
Jun 4, 2026 - 19:11
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रायगढ़ में एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायत सचिवों का प्रशिक्षण आयोजित

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l जिले में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने और एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से ग्राम पंचायत सचिवों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर के निर्देश तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद पंचायत घरघोड़ा, धरमजयगढ़ और तमनार के ग्राम पंचायत सचिवों ने भाग लिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान सचिवों को एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ और स्वस्थ ग्रामों के निर्माण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसके लिए पंचायतों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

प्रशिक्षण में स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्रों के संचालन, अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटान तथा पुनर्चक्रण की प्रक्रियाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। सचिवों को यह भी बताया गया कि यदि ग्राम स्तर पर कचरे का उचित प्रबंधन किया जाए तो न केवल स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

अधिकारियों ने प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक पंचायत को अपने क्षेत्र में स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता देनी होगी। इसके साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए नियमित जनजागरूकता अभियान चलाने, स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित करने तथा कचरा पृथक्करण के प्रति लोगों को प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

कार्यशाला में सचिवों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के अंतर्गत निर्धारित सभी गतिविधियों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और उसके अनुसार कार्य करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों की पूर्ति के लिए नियमित निगरानी और समीक्षा आवश्यक होगी।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों के अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सचिवों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की और अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित व्यवहारिक समस्याओं तथा उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया।

कार्यशाला में जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों और सचिवों को स्वच्छता प्रबंधन के क्षेत्र में नई जानकारी और दिशा मिली, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था स्थापित करने में सहायता मिलेगी।