सुशासन तिहार 2026 में दिव्यांगजनों को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा, ट्रायसाइकिल और पेंशन स्वीकृति से बढ़ी उम्मीद
कबीरधाम जिले के झलमला गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल और जरूरतमंद हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के लोगों को राहत और आत्मनिर्भरता का नया सहारा मिला।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अब दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत और उम्मीद का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। शासन और प्रशासन की सक्रियता से ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों और जरूरतमंद हितग्राहियों को इस अभियान से बड़ी सहायता मिल रही है। प्रशासन की संवेदनशील पहल के चलते लोगों के जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान लौटता दिखाई दे रहा है।
जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत सुदूर वनांचल ग्राम झलमला में आयोजित सुशासन शिविर में पांच दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल वितरित की गई, जबकि चार पात्र हितग्राहियों को नवीन पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। ट्रायसाइकिल प्राप्त करने वालों में समरीन बाई मरकाम, गणेश मरकाम, फागुराम, रमली बाई और अमृत लाल शामिल हैं। वहीं चंद्रकला यादव, प्रभु, कामभो और अमर लाल को पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपे गए।
ग्रामीणों ने बताया कि ट्रायसाइकिल मिलने से पहले दिव्यांगजनों को आवागमन के लिए बैसाखियों का सहारा लेना पड़ता था। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र होने के कारण उन्हें रोजमर्रा के कार्यों और आवाजाही में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे उनके आत्मसम्मान पर भी असर पड़ता था।
सुशासन तिहार शिविर के दौरान हितग्राहियों ने ट्रायसाइकिल और पेंशन के लिए आवेदन दिया था। प्रशासन ने इन आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से शिविर स्थल पर ही सहायता उपलब्ध कराई। ट्रायसाइकिल वितरण के बाद दिव्यांगजनों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि अब वे अपने जरूरी काम स्वयं कर सकेंगे और कहीं आने-जाने में पहले जैसी परेशानी नहीं होगी।
पेंशन स्वीकृति मिलने से जरूरतमंद हितग्राहियों को आर्थिक सहारा भी मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि इससे उन्हें दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी और उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा।
हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान हुआ है। लोगों ने कहा कि पहली बार उन्हें महसूस हुआ कि शासन और प्रशासन वास्तव में गांव तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुन रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और जरूरतमंद लोगों को त्वरित राहत प्रदान करना है। दूरस्थ क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का भरोसा शासन और प्रशासन के प्रति और मजबूत हो रहा है।