दान पेटियों को खोलने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शिता के साथ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न हुई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, मेला समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और विश्वसनीय बनी रहे।
कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) नेपानगर भागीरथ वाकला, तहसीलदार धुलकोट दिनेश भेवंदिया, चौकी प्रभारी धुलकोट कमल मोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा शिवाबाबा मेला समिति के अध्यक्ष रूपसिंह पवार, समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी इस दौरान उपस्थित रहे।
दान पेटियों को खोलने के दौरान सभी की निगरानी में सावधानीपूर्वक राशि की गणना की गई। प्रशासन की मौजूदगी में यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को बनाए रखने के लिए इस तरह की पारदर्शी व्यवस्था अपनाई जाती है। इससे लोगों का विश्वास मेला समिति और प्रशासन दोनों के प्रति मजबूत होता है।
मेला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्राप्त दान राशि का उपयोग धार्मिक और सामाजिक कार्यों के साथ-साथ मेला व्यवस्था को और बेहतर बनाने में किया जाएगा। इससे भविष्य में श्रद्धालुओं को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी आस्था और सहयोग से ही इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों का सफल संचालन संभव हो पाता है।
शिवाबाबा मेला क्षेत्र में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और अपनी श्रद्धा अनुसार दान करते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों ने मेले में भाग लिया और दान के माध्यम से अपनी आस्था प्रकट की।
कुल मिलाकर, प्रशासन की निगरानी में पारदर्शी तरीके से दान पेटियों का खोला जाना एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।