कार्यक्रम की शुरुआत भगवान राधा-कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। इसके पश्चात समाज का ध्वज फहराकर अधिवेशन का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों का पंजीयन किया गया और मंच पर उपस्थित अतिथियों का सम्मान किया गया।
द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि के आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। अहीर योद्धा नृत्य दलों की पारंपरिक प्रस्तुति, गाजे-बाजे और आतिशबाजी के बीच मंत्री गजेन्द्र यादव का स्वागत किया गया। समाज की ओर से उन्हें गजमाला पहनाकर सम्मानित किया गया, जिससे आयोजन का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।
सभा को संबोधित करते हुए नगर पालिका राजिम के अध्यक्ष महेश यादव ने समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन ही समाज को मजबूत बनाते हैं और विकास की दिशा तय करते हैं।
अपने उद्बोधन में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने यादव समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समाज भगवान श्रीकृष्ण की परंपरा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने हर घर में लड्डू गोपाल की स्थापना और पूजा-अर्चना की परंपरा को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही उन्होंने सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक लोग उनका लाभ उठा सकें।
प्रदेश संरक्षक (प्रांतीय युवा) रामसिंह यादव ने युवा प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित सामाजिक समरसता यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि युवा समाज की नींव होते हैं और उनके प्रयास समाज को नई दिशा देते हैं।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले एवं “कौन बने करोड़पति” में सम्मानित रोम शंकर यादव को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य नंदकिशोर यादव ने किया। अधिवेशन में सतीश यादव, गुलेन्द्र यादव, हरिश यादव, परमानंद यादव, नरोत्तम यदु, पुष्कर यादव सहित अनेक पदाधिकारी और समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, यह प्रांतीय महा अधिवेशन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक परंपराओं और एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। इस आयोजन ने समाज को संगठित करने और नई दिशा देने का कार्य किया, जिससे भविष्य में और भी सकारात्मक पहल की उम्मीद की जा सकती है।