मानव संसाधन ही किसी देश की सबसे बड़ी ताकत, एआई बनेगा विकसित भारत का इंजन: लखन लाल देवांगन

रायपुर में आयोजित समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 के समापन समारोह में उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मानव संसाधन किसी भी देश की सबसे बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

Jun 18, 2026 - 12:48
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मानव संसाधन ही किसी देश की सबसे बड़ी ताकत, एआई बनेगा विकसित भारत का इंजन: लखन लाल देवांगन

UNITED NEWS OF AISA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा है कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होता है। भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है और यदि इस युवा शक्ति को आधुनिक कौशल तथा तकनीकी ज्ञान से सशक्त बनाया जाए तो देश को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।

देवांगन रायपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय बिलासपुर एवं आईसेक्ट इंडिया ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय “विकसित भारत के लिए एआई संचालित कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यम” रखा गया था।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय परिवर्तन का युग है और तकनीक तेजी से जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। ऐसे समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि देश के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को गति देने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में एआई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

देवांगन ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए वित्तीय समावेशन आवश्यक है, जिससे प्रत्येक नागरिक बैंकिंग और आर्थिक सेवाओं से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और मोबाइल आधारित सेवाओं ने आम लोगों तक शासन की योजनाओं की पहुंच आसान बनाई है। आज लोग घर बैठे विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और उनका लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचारों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी कम की है। एआई, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक संचार व्यवस्था के माध्यम से शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाओं तक लोगों की पहुंच लगातार बढ़ रही है। इससे समाज के विभिन्न वर्गों को नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

समारोह के दौरान उद्योग मंत्री ने नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पांच युवा उद्यमियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने युवाओं से नई तकनीकों को अपनाने, कौशल विकास पर ध्यान देने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव पी.के. घोष, आईसेक्ट के चेयरमैन सिद्धार्थ चतुर्वेदी, पद्मश्री अजय मंडावी, तोपलाल वर्मा, अनुराग होता, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक राजेश भुतड़ा, भारतीय स्टेट बैंक के ललित कुमार, सीआईआई छत्तीसगढ़ के प्रमुख पदम गोयल, अनुराग गुप्ता, बजरंग गोयल सहित अनेक शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कॉन्क्लेव में एआई आधारित कौशल विकास, उद्यमिता, वित्तीय समावेशन और सामाजिक परिवर्तन के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा विकसित भारत के निर्माण में तकनीक की भूमिका को रेखांकित किया गया।