कबीरधाम के 1.47 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत, निःशुल्क बिजली और 50% छूट का लाभ रहेगा जारी
बिजली दरों में संशोधन के बावजूद कबीरधाम जिले के 1.47 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक निःशुल्क बिजली और 200 यूनिट तक खपत पर 50 प्रतिशत छूट की सुविधा पूर्ववत जारी रहेगी। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर संयंत्र लगाकर उपभोक्ता बिजली बिल को न्यूनतम या शून्य भी कर सकते हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नए टैरिफ संशोधन के बीच कबीरधाम जिले के उपभोक्ताओं के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। बिजली दरों में वृद्धि के बावजूद जिले के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा, जिससे बढ़ी हुई दरों का प्रभाव अधिकांश उपभोक्ताओं पर बेहद सीमित रहेगा।
जिले में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 54 हजार 886 उपभोक्ताओं को 30 यूनिट तक बिजली पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इस सुविधा का पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार वहन कर रही है। इससे हजारों परिवारों को घरेलू खर्च में राहत मिल रही है और ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सुविधा हो रही है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत जिले के 93 हजार 10 घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली खपत पर 50 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलता रहेगा। शासन की इन योजनाओं और दी जा रही सब्सिडी के कारण जिले के अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली दरों में हुई वृद्धि का असर नगण्य रहेगा। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश उपभोक्ताओं के लिए वास्तविक भार शून्य से लेकर लगभग 3.65 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगा।
ऊर्जा क्षेत्र के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बिजली जैसी आवश्यक सेवा सुलभ और किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि बिजली दरों में संशोधन के बावजूद राहत योजनाओं को जारी रखा गया है, ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े।
इसी बीच प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना भी उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं की पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना और उन्हें स्वच्छ ऊर्जा की ओर प्रोत्साहित करना है।
राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि रूफटॉप सोलर प्रणाली स्थापित कर उपभोक्ता अपने मासिक बिजली बिल को काफी हद तक कम कर सकते हैं। कई मामलों में बिजली बिल शून्य तक भी पहुंच सकता है। इससे न केवल आर्थिक बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ने से बिजली उत्पादन पर दबाव कम होगा और दीर्घकाल में उपभोक्ताओं को स्थायी लाभ मिलेगा। कबीरधाम जिले में बड़ी संख्या में उपभोक्ता प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रति रुचि दिखा रहे हैं।
बिजली दरों में संशोधन के बावजूद शासन की राहत योजनाओं के चलते जिले के लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। निःशुल्क बिजली, रियायती दरों और सौर ऊर्जा जैसी योजनाएं आम लोगों के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बन रही हैं।