रायपुर में 2.34 करोड़ की नौकरी ठगी का खुलासा, फर्जी MBBS डिग्री बनाने वाली साक्षी सिंह गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 2.34 करोड़ रुपये की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी साक्षी सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपिया फर्जी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्री तैयार कर गिरोह को उपलब्ध कराती थी।

Mar 26, 2026 - 12:17
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रायपुर में 2.34 करोड़ की नौकरी ठगी का खुलासा, फर्जी MBBS डिग्री बनाने वाली साक्षी सिंह गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में करोड़ों रुपये की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के एक बड़े मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एक और आरोपिया साक्षी सिंह को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी मेडिकल डिग्रियां तैयार करने का काम करती थी। इस पूरे मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

मामले की शुरुआत 17 फरवरी 2026 को हुई, जब प्रार्थी संजय निराला ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर, राकेश रात्रे और अन्य लोगों ने उसे और उसके रिश्तेदारों को पोस्ट ऑफिस के विभिन्न पदों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके अलावा आरोपियों ने फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का भी लालच दिया।

आरोपियों ने मिलकर पीड़ित और उसके परिचितों से कुल 2 करोड़ 34 लाख रुपये की बड़ी रकम वसूल ली, लेकिन किसी को नौकरी नहीं दिलाई। खुद को ठगा हुआ महसूस करने के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 96/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही चार आरोपियों—भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे—को गिरफ्तार कर लिया था। इनसे पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिली।

इसी कड़ी में पुलिस को सूचना मिली कि इस मामले में संलिप्त साक्षी सिंह नई दिल्ली में रह रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को वहां भेजा गया, जिसने साक्षी सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान साक्षी सिंह ने स्वीकार किया कि वह एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर डी.वाई. पाटिल विद्यापीठ विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्री तैयार करती थी और इन्हें गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराती थी।

पुलिस ने साक्षी सिंह को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस इन मोबाइलों के जरिए और भी अहम सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है, जिससे इस ठगी नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

गिरफ्तार आरोपिया साक्षी सिंह मूल रूप से लखनऊ की निवासी है और वर्तमान में नई दिल्ली के पालम नगर क्षेत्र में रह रही थी। पुलिस अब उससे जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह किस तरह भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी नौकरी या शैक्षणिक प्रमाण पत्र के लिए संदिग्ध व्यक्तियों या एजेंसियों के झांसे में न आएं और किसी भी प्रकार की शंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।