युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष बिलाल सीलन खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने आबकारी विभाग में पदस्थ एक बाबू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि वह पिछले करीब 30 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इतने लंबे समय तक एक ही जगह पर बने रहने के कारण उस कर्मचारी का विभागीय सिस्टम पर गहरा प्रभाव बन गया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित बाबू की भूमिका अवैध शराब बिक्री को बढ़ावा देने में रही है। साथ ही उन पर कमीशनखोरी करने और विभाग के अधिकारियों पर दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। कार्यकर्ताओं का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क के चलते नियमों की अनदेखी कर लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं, जिससे राजस्व को नुकसान और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बाहरी क्षेत्रों से शराब की सप्लाई को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
जनता जोगी कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही संबंधित बाबू के ट्रांसफर या सस्पेंशन की मांग भी उठाई गई है। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
इस पूरे मामले पर अब प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इन आरोपों की जांच की जाती है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
राजनांदगांव में पहले भी आबकारी विभाग पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है। जनता जोगी कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद जिले की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन गंभीर आरोपों पर किस तरह से प्रतिक्रिया देता है और क्या पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।