NEET UG 2026: सुकमा के ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर के 32 छात्रों ने किया क्वालिफाई, 13 को MBBS सीट मिलने की उम्मीद

सुकमा जिले के प्रशासन संचालित निःशुल्क ‘क्षितिज’ JEE-NEET कोचिंग सेंटर के 32 विद्यार्थियों ने NEET UG 2026 की क्वालिफाइंग कटऑफ पार की है। इनमें से 13 छात्रों को शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीट मिलने की संभावना है। जिला प्रशासन ने इसे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

Jul 18, 2026 - 17:35
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NEET UG 2026: सुकमा के ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर के 32 छात्रों ने किया क्वालिफाई, 13 को MBBS सीट मिलने की उम्मीद

UNITED NEWS OF ASIA. सुकमा l छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के विद्यार्थियों ने NEET UG 2026 में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क ‘क्षितिज’ JEE-NEET कोचिंग सेंटर के 32 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) की क्वालिफाइंग कटऑफ पार कर जिले का नाम रोशन किया है। प्रशासन के अनुसार इन सफल विद्यार्थियों में से 13 को शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीट मिलने की संभावना है।

यह उपलब्धि ऐसे जिले से सामने आई है, जहां लंबे समय तक शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच चुनौतीपूर्ण रही है। जिला प्रशासन ने इस सफलता को दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों की प्रतिभा, मेहनत और बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन का परिणाम बताया है।

प्रशासन के अनुसार, ‘क्षितिज’ JEE-NEET कोचिंग सेंटर के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाती है। इस पहल के तहत विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और नियमित शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया गया, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सके।

जिला प्रशासन ने बताया कि इस पहल को प्रभावी बनाने में कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर तथा जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. मंडावी के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं प्रशिक्षण प्रदाता संस्था ‘कैंप एकेडमी’ के शिक्षकों सूरज सिंह, सोनम सिंह, निधि चौहान और राजनीश पटेल ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगातार सहयोग दिया।

प्रशासन ने सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

सफलता प्राप्त करने वाले अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों से हैं। ऐसे क्षेत्रों के छात्रों का मेडिकल प्रवेश परीक्षा जैसी कठिन प्रतियोगिता में सफलता हासिल करना जिले के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। इससे अन्य विद्यार्थियों का भी मनोबल बढ़ेगा और वे उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित होंगे।

जिला प्रशासन का कहना है कि ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर जैसी पहल भविष्य में भी जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल सके। प्रशासन का मानना है कि शिक्षा के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा दी जा सकती है।