नारद जयंती पर पत्रकार सम्मान समारोह, निष्पक्ष पत्रकारिता और राष्ट्र निर्माण पर जोर

सुकमा में देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह में पत्रकारिता की भूमिका, राष्ट्र निर्माण और नक्सलवाद के खिलाफ जनजागरूकता पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में दो दर्जन से अधिक पत्रकारों को सम्मानित किया गया तथा निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता का संदेश दिया गया।

Jun 22, 2026 - 17:04
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नारद जयंती पर पत्रकार सम्मान समारोह, निष्पक्ष पत्रकारिता और राष्ट्र निर्माण पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. रिजेंट गिरी, सुकमा l सुकमा में देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह में पत्रकारिता की जिम्मेदारियों, राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका और नक्सलवाद के खिलाफ जनजागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। शबरी माता जनकल्याण सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के दो दर्जन से अधिक पत्रकारों को सम्मानित किया गया और उनके योगदान की सराहना की गई।

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया और पत्रकारिता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और समाज को सही दिशा देने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार प्रियंका कौशल ने कहा कि बस्तर क्षेत्र आज भी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि समाज को विभाजनकारी शक्तियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है और मीडिया को ऐसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से शहीद जवानों और उनके परिवारों की प्रेरणादायक कहानियों को प्रमुखता से सामने लाने की अपील भी की।

समारोह के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि कुछ लोग नक्सली गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों का महिमामंडन करने का प्रयास करते हैं, जबकि वास्तविक नायक वे सुरक्षा बलों के जवान हैं जिन्होंने क्षेत्र में शांति और विकास स्थापित करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। पत्रकारों को समाजहित और लोकमंगल को केंद्र में रखकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

सीआरपीएफ के डीआईजी अरविंद सिंह राजपुरोहित ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। सूचना के तेजी से प्रसार के इस दौर में समाचारों की सत्यता और निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचारों का प्रकाशन और प्रसारण करना चाहिए। उन्होंने सुकमा जिले के पत्रकारों की सकारात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता की सराहना भी की।

कार्यक्रम में जनसंपर्क अधिकारी सागर वारे, सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र सिंह भदौरिया, श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष पी. राजेंद्र तथा महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान सम्मानित पत्रकारों को उनके कार्यों के लिए बधाई दी गई और भविष्य में भी समाज और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। नारद जयंती के अवसर पर आयोजित यह समारोह पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन साबित हुआ।