UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र कल्याण को प्राथमिकता देते हुए एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे वृद्धजनों को आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
सरकार ने योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। वरिष्ठ नागरिकों को किसी अलग “सीनियर सिटीजन कार्ड” की आवश्यकता नहीं है। आधार कार्ड और अन्य वैध दस्तावेजों के माध्यम से पात्रता का सत्यापन कर सीधे लाभ प्रदान किया जा रहा है। इससे योजनाओं का लाभ उठाना आसान और सुलभ हो गया है।
प्रदेश में संचालित 27 वृद्धाश्रम निराश्रित और असहाय वृद्धजनों के लिए सुरक्षित आश्रय बनकर उभरे हैं। राजधानी रायपुर सहित विभिन्न जिलों में संचालित इन केंद्रों में वर्तमान में लगभग 675 वरिष्ठ नागरिक निवास कर रहे हैं। यहां उन्हें निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
गंभीर रूप से बीमार और बिस्तर पर आश्रित वृद्धजनों के लिए राज्य में 13 प्रशामक गृह (पैलिएटिव केयर सेंटर) संचालित किए जा रहे हैं। रायपुर, कबीरधाम, दुर्ग, बालोद, रायगढ़ और बेमेतरा जैसे जिलों में संचालित इन केंद्रों में करीब 140 वरिष्ठ नागरिकों को विशेष देखभाल और उपचार सहयोग मिल रहा है। यह व्यवस्था उन वृद्धजनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिन्हें निरंतर चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता होती है।
आर्थिक सहायता के रूप में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पात्र वृद्धजनों को नियमित पेंशन दी जा रही है। बीपीएल और एसईसीसी वंचन समूह के वृद्धजनों को 500 रुपये प्रतिमाह तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को 680 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। यह सहायता उनके दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान को बढ़ाने में सहायक है।
इसके अलावा, सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत जरूरतमंद वृद्धजनों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इस योजना के अंतर्गत व्हीलचेयर, वॉकर, बैसाखी, छड़ी, श्रवण यंत्र, चश्मा और ट्राइसाइकिल जैसे उपकरण अधिकतम 6900 रुपये तक की लागत पर प्रदान किए जाते हैं, जिससे उनका जीवन अधिक सहज और सुगम बन सके।
राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए तीर्थ यात्रा योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 14 यात्राओं के माध्यम से 10,694 हितग्राहियों को इसका लाभ मिला है, जिससे उनके जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार हुआ है।
छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं के माध्यम से राज्य सरकार एक संवेदनशील और समग्र सामाजिक सुरक्षा तंत्र विकसित कर रही है, जो आने वाले समय में और अधिक प्रभावी होगा।