UNITED NEWS OF ASIA. आदित्य श्रोत्रिय, देवास l देवास जिले के कन्नौद नगर में तालाब किनारे स्थित खेड़ा पति हनुमान मंदिर परिसर में 6 अगस्त से 13 अगस्त तक आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ गुरुवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव से सराबोर इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह 10:30 बजे गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और मंगल ध्वनि के बीच कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे नगर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया।
कलश यात्रा में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर उत्साहपूर्वक भाग लिया, जबकि श्रद्धालु भगवान के जयकारे लगाते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरे। यात्रा का विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा और स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। नगरवासियों ने श्रद्धा और आस्था के साथ यात्रा का स्वागत कर आयोजन को यादगार बना दिया।
संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का वाचन सोनखेड़ी निवासी कथावाचक राजेश तिवारी महाराज द्वारा किया जाएगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक होगी, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, सनातन संस्कृति और धर्म के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का संदेश मिलेगा।
इस धार्मिक आयोजन का संचालन नृसिंह मंदिर तालाब महिला मंडल द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार प्रतिदिन सुबह विधि-विधान से पूजन एवं आरती होगी। इसके बाद दोपहर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। वहीं संध्या के समय महाआरती के साथ श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। पूरे आयोजन के दौरान भक्तों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
कन्नौद का तालाब किनारे स्थित यह मंदिर परिसर लंबे समय से धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। गोकुल, मथुरा, वृंदावन और अयोध्या जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की प्रेरणा से यहां समय-समय पर विभिन्न धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया जाता है। मंदिरों की सुंदरता, शांत वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा के कारण इस क्षेत्र को स्थानीय लोग तीर्थ समान मानते हैं। यही कारण है कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने पहुंचते हैं।
आयोजन समिति का उद्देश्य सनातन धर्म के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना और समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है। महिला मंडल एवं आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने तथा पुण्य लाभ अर्जित करने की भावपूर्ण अपील की है। यह आयोजन पूरे सप्ताह नगर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक वातावरण का केंद्र बना रहेगा।