सेवा संकल्प अभियान के तहत सर्पदंश पीड़ित परिवार को मिली 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
कबीरधाम जिले के ग्राम मरका में सर्पदंश से 8 वर्षीय हेमचंद चैहान की मौत के बाद शासन ने परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। सेवा संकल्प अभियान के तहत संवेदनशील प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विपत्तिग्रस्त परिवार को आर्थिक संबल मिला।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं विपरीत परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहारा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कबीरधाम जिले के ग्राम मरका, तहसील पिपरिया निवासी उजागर चैहान के परिवार को भी कठिन समय में शासन की ओर से आर्थिक सहायता मिली है। उनके 8 वर्षीय पुत्र हेमचंद चैहान की सर्पदंश से मृत्यु के बाद राजस्व विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए परिवार के लिए 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। सहायता राशि सीधे प्रभावित पिता के बैंक खाते में अंतरित की गई है।
जानकारी के अनुसार 7 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 4 बजे हेमचंद चैहान अपने घर में सो रहा था। इसी दौरान जहरीले सर्प के काटने की घटना हुई। परिजनों ने तत्काल बालक को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय, कबीरधाम पहुंचाया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार को गहरा आघात पहुंचा और परिजन कठिन परिस्थितियों में आ गए।
घटना की सूचना जिला प्रशासन को मिलने के बाद संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रिया शुरू की गई। राजस्व न्यायालय में प्रकरण दर्ज कर घटना से जुड़े दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया गया। राजस्व विभाग द्वारा नियमानुसार जांच और अभिलेखीय कार्रवाई पूरी की गई। जांच में बालक की मृत्यु सर्पदंश के कारण होना पाया गया। इसके बाद राजस्व पुस्तक परिपत्र के नियम 6(4) के तहत विपत्तिग्रस्त परिवार को आर्थिक सहायता की पात्रता निर्धारित की गई।
प्रकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन द्वारा परिवार के लिए 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई। स्वीकृत राशि उजागर चैहान के बैंक खाते में सीधे अंतरित की गई। आर्थिक सहायता मिलने से परिवार को इस कठिन परिस्थिति में कुछ आर्थिक राहत और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए सहारा मिला है।
प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई को सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्य से भी जोड़ा गया है। अभियान का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना तथा कठिन परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही अभियान के माध्यम से जनसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कबीरधाम जिले के इस प्रकरण में राजस्व विभाग द्वारा घटना के बाद दस्तावेजों की जांच, पात्रता निर्धारण और सहायता राशि के अंतरण की प्रक्रिया पूरी की गई। सर्पदंश जैसी आकस्मिक घटना से परिवार को हुई क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन शासन की आर्थिक सहायता ने परिवार को तत्काल आर्थिक संबल उपलब्ध कराया है। सेवा संकल्प अभियान के तहत इस तरह की योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।