90 लाख रुपये की ठगी का खुलासा, महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

सक्ती जिले की बाराद्वार पुलिस ने 90.28 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सोना नवनीकरण और लोन अवधि बढ़ाने का झांसा देकर पीड़ित परिवार से कई बैंक खातों के माध्यम से लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए थे।

Aug 7, 2026 - 12:29
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90 लाख रुपये की ठगी का खुलासा, महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. जीके कुर्रे, सक्ती l छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की बाराद्वार पुलिस ने करीब 90 लाख रुपये की बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसने सोना नवनीकरण और लोन की अवधि बढ़ाने का लालच देकर एक ही परिवार से करोड़ के करीब रकम ठग ली। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

पुलिस के अनुसार यह मामला बाराद्वार थाना क्षेत्र के ग्राम जेठा निवासी मूलचंद राठौर की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि पेण्ड्रा और बिलासपुर निवासी रेखा राठौर, अफरोज खान और सुभाष साहू ने विश्वास में लेकर सोने के नवनीकरण और लोन की अवधि बढ़वाने का झांसा दिया। आरोपियों ने विभिन्न बहानों से पीड़ित परिवार को अपने जाल में फंसाया और धीरे-धीरे बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली।

जांच में सामने आया कि 31 अक्टूबर 2025 से 5 मई 2026 के बीच आरोपियों ने मूलचंद राठौर, उनकी पत्नी तथा दोनों बेटों के अलग-अलग बैंक खातों से UPI, NEFT, RTGS और IMPS जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से कुल 90 लाख 28 हजार 500 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। लंबे समय तक चली इस धोखाधड़ी के बाद जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उसने 5 मई 2026 को बाराद्वार थाने में शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बाराद्वार पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग लेनदेन और अन्य महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश पर तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318, 61 और 112 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है या नहीं। पुलिस बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

बाराद्वार पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य वित्तीय जानकारी साझा न करें। लोन, निवेश या सोना नवनीकरण जैसी योजनाओं के नाम पर यदि कोई व्यक्ति धनराशि ट्रांसफर करने के लिए कहे, तो पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते ऐसी धोखाधड़ी को रोका जा सके।