राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन पर बृजमोहन अग्रवाल ने रखा छत्तीसगढ़ को ऊर्जा और खनिज अर्थव्यवस्था का अग्रणी राज्य बनाने का विजन

संसद की कोयला एवं खान मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन के तहत छत्तीसगढ़ को देश की ऊर्जा सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल अर्थव्यवस्था का अग्रणी राज्य बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने राज्य में प्रोसेसिंग पार्क, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, अनुसंधान, कौशल विकास और खनिज आधारित उद्योगों के विस्तार की वकालत की।

Aug 7, 2026 - 14:56
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राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन पर बृजमोहन अग्रवाल ने रखा छत्तीसगढ़ को ऊर्जा और खनिज अर्थव्यवस्था का अग्रणी राज्य बनाने का विजन

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली में आयोजित संसद की कोयला एवं खान मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को देश की ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य की क्रिटिकल मिनरल आधारित अर्थव्यवस्था का अग्रणी राज्य बनाने का व्यापक विजन प्रस्तुत किया। बैठक में उन्होंने राज्य की खनिज क्षमता के वैज्ञानिक, तकनीकी और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे।

बैठक के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल कोयला उत्पादन का प्रमुख केंद्र ही नहीं, बल्कि भविष्य में क्रिटिकल मिनरल आधारित उद्योगों का भी राष्ट्रीय केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी निर्माण, सेमीकंडक्टर, रक्षा, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए राज्य के खनिज संसाधनों का योजनाबद्ध और वैज्ञानिक उपयोग आवश्यक है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ में क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग पार्क, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, अनुसंधान एवं विकास (R&D), आधुनिक खनिज प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण, मूल्य संवर्धन, कौशल विकास तथा खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा, स्थानीय उद्योगों को नई दिशा मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

बैठक में उन्होंने लिथियम, टिन, रेयर अर्थ तत्व (REE), ग्रेफाइट, कोबाल्ट, निकेल, टंगस्टन, मोलिब्डेनम, नाइओबियम, वैनेडियम, टाइटेनियम, जिरकोनियम, बेरिलियम, गैलियम, इंडियम, टैंटलम, टेल्यूरियम, सेलेनियम, प्लैटिनम समूह के तत्व (PGM), फॉस्फेट, पोटाश सहित अन्य सामरिक एवं महत्वपूर्ण खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण, खनन, प्रसंस्करण, निवेश और मूल्य संवर्धन को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।

बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष रूप से कोरबा सहित संभावित क्षेत्रों में लिथियम, टिन, रेयर अर्थ तत्व, ग्रेफाइट, हीरा और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के विस्तृत सर्वेक्षण तथा अधिक खनन योग्य ब्लॉकों की पहचान पर बल दिया। उन्होंने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI), मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (MECL), नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (NMET) तथा भारतीय खान ब्यूरो (IBM) की भूमिका को और मजबूत करने का सुझाव दिया। साथ ही जिला स्तर पर खनिज डाटाबेस तैयार करने और तकनीक आधारित पारदर्शी खनन व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता भी बताई।

बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उठाए गए प्रमुख विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही छत्तीसगढ़ से जुड़े प्रस्तावों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन भी दिया।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास वर्तमान की ऊर्जा शक्ति के साथ भविष्य की क्रिटिकल मिनरल क्षमता भी मौजूद है। उनका लक्ष्य केवल खनिजों का उत्खनन नहीं, बल्कि अनुसंधान, प्रसंस्करण, आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्धन, निवेश और कौशल विकास पर आधारित एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने से छत्तीसगढ़ देश की नई औद्योगिक और ऊर्जा अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे।