किसानों को बड़ी राहत: MSP पर चना, मसूर और सरसों खरीदी की अवधि 15 दिन बढ़ी

केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए चना, मसूर और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की समय-सीमा 15 दिनों के लिए बढ़ा दी है। इस फैसले से किसानों को अपनी उपज उचित मूल्य पर बेचने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

Jun 19, 2026 - 11:38
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किसानों को बड़ी राहत: MSP पर चना, मसूर और सरसों खरीदी की अवधि 15 दिन बढ़ी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l किसानों के हित में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए चना, मसूर और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की अवधि 15 दिनों के लिए बढ़ा दी है। यह फैसला प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के अंतर्गत संचालित प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएम) के तहत लिया गया है।

यह निर्णय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों की उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में लिया गया। बैठक में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ की ओर से कृषि मंत्री रामविचार नेताम, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी तथा कृषि संचालक राहुल देव शामिल हुए।

बैठक में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि चना, मसूर और सरसों की एमएसपी खरीदी के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। कई किसान विभिन्न कारणों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी उपज का विक्रय नहीं कर पाए थे। ऐसे किसानों को अब अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा।

समय-सीमा बढ़ने से किसानों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से भी राहत मिलेगी। कई बार किसान मजबूरी में अपनी उपज कम कीमत पर बेचने को विवश हो जाते हैं। अब अतिरिक्त समय मिलने से वे अपनी फसल सीधे समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे और उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।

केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रदेश के किसानों से बढ़ी हुई अवधि का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने अब तक अपनी उपज का विक्रय नहीं किया है, वे निकटतम सहकारी समिति में पहुंचकर चना, मसूर और सरसों की बिक्री सुनिश्चित करें।

किसानों की सुविधा के लिए कृषि विभाग ने सहायता व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। यदि किसी किसान को खरीदी प्रक्रिया, पंजीयन या समय-सीमा विस्तार से संबंधित जानकारी चाहिए तो वह अपनी स्थानीय सहकारी समिति के प्रबंधक से संपर्क कर सकता है। इसके अलावा कृषि विभाग के मैदानी अमले, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (आरएईओ) तथा संबंधित जिले के उप संचालक कृषि कार्यालय से भी आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।

केंद्र और राज्य सरकार का यह संयुक्त प्रयास किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, उनकी आय में वृद्धि करने और कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।