मुंगेली जिला चिकित्सालय बना बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र, फिजियोथेरेपी से मरीजों को मिल रही नई जिंदगी

मुंगेली जिला चिकित्सालय का फिजियोथेरेपी विभाग आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ उपचार के माध्यम से दर्द, लकवा और शारीरिक अक्षमता से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद का केंद्र बनकर उभरा है। जिले के साथ-साथ अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों के मरीज भी यहां उपचार कराकर लाभान्वित हो रहे हैं। अत्याधुनिक मशीनों और उन्नत उपचार पद्धतियों के कारण कई मरीजों को वर्षों पुरानी समस्याओं से राहत मिली है।

Jun 3, 2026 - 11:44
Jun 3, 2026 - 11:48
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मुंगेली जिला चिकित्सालय बना बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र, फिजियोथेरेपी से मरीजों को मिल रही नई जिंदगी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और मरीज-केंद्रित उपचार व्यवस्था के कारण जिला चिकित्सालय मुंगेली अब प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बनकर उभर रहा है। यहां का फिजियोथेरेपी विभाग न केवल जिले के मरीजों के लिए बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से आने वाले लोगों के लिए भी भरोसे का केंद्र बन गया है। वर्षों से दर्द, लकवा और शारीरिक अक्षमता से जूझ रहे मरीजों को यहां विशेषज्ञ उपचार के माध्यम से नई उम्मीद मिल रही है।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से अस्पताल में फिजियोथेरेपी सेवाओं का लगातार विस्तार किया गया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गिरीश कुर्रे तथा सिविल सर्जन डॉ. एम.के. राय के मार्गदर्शन में विभाग ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

फिजियोथेरेपी विभाग की सफलता का अंदाजा उन मरीजों की कहानियों से लगाया जा सकता है, जिन्हें वर्षों पुरानी समस्याओं से राहत मिली है। मुंगेली के गोल बाजार निवासी नकुल साहू लकवा के कारण लगभग एक वर्ष तक चलने-फिरने में असमर्थ थे। नियमित नौ माह तक फिजियोथेरेपी उपचार लेने के बाद वे अब सामान्य जीवन जी रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि अन्य मरीजों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।

इसी प्रकार मध्यप्रदेश के शहडोल निवासी आतिश दास, जो तीन वर्षों तक बिस्तर पर रहने को मजबूर थे, अब अपने पैरों पर खड़े होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। वहीं मुंगेली की सरिता बाजपेयी, जो लंबे समय तक कमर झुकाकर चलने के लिए विवश थीं, उपचार के बाद अब सहज रूप से चल-फिर रही हैं। लोरमी के सारथु राम को वर्षों पुराने कंधे के दर्द से राहत मिली है, जबकि बलौदाबाजार के रमेश सिंह को आठ वर्षों से चली आ रही कमर दर्द की समस्या से आराम मिला है। इसी तरह निशा यादव को लिगामेंट ऑपरेशन के बाद होने वाली घुटनों की जकड़न और दर्द से मुक्ति मिली है।

जिला चिकित्सालय का फिजियोथेरेपी विभाग अत्याधुनिक मशीनों और आधुनिक उपचार तकनीकों से सुसज्जित है। यहां सामान्य फिजियोथेरेपी के अलावा एडवांस एक्यूपंक्चर थेरेपी, एडवांस गेट थेरेपी, फायर कपिंग, नॉर्मल कपिंग, फुल बॉडी रिलैक्सेशन थेरेपी, लेजर थेरेपी और पीआरपी थेरेपी जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन तकनीकों की मदद से विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याओं का प्रभावी उपचार किया जा रहा है।

सिविल सर्जन डॉ. एम.के. राय के अनुसार फिजियोथेरेपी के प्रति लोगों की जागरूकता लगातार बढ़ रही है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग की समर्पित टीम और आधुनिक संसाधनों की मदद से कई मरीजों को नई जिंदगी मिली है।

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मुंगेली जिला चिकित्सालय की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य अस्पतालों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकीय मार्गदर्शन और मरीजों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण यह अस्पताल अब दर्द और शारीरिक अक्षमता से जूझ रहे लोगों के लिए नई उम्मीद का केंद्र बन गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अपने प्रयास जारी रखने की बात कही है।