शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा जानकारी दी गई कि कुल 50 आवेदन प्राप्त हुए थे और सभी आवेदनों का समाधान कर दिया गया है। प्रशासन के इस दावे पर सांसद भोजराज नाग ने मंच से ही ग्रामीणों और संबंधित विभागों के अधिकारियों से सवाल-जवाब शुरू किए। इस दौरान कई ग्रामीणों ने बताया कि उनकी समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं और उन्हें किसी प्रकार का समाधान नहीं मिला है।
ग्रामीणों की बातें सुनने के बाद सांसद का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश बंद की जाए। सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल कागजों में प्रकरणों का निराकरण दिखाकर सरकार की छवि खराब करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सांसद भोजराज नाग ने मंच से अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी आवेदन को तब तक निराकृत नहीं माना जाए, जब तक संबंधित शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट न हो जाए। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान वास्तव में नहीं हुआ है, उन्हें लंबित श्रेणी में ही रखा जाए और जल्द से जल्द वास्तविक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का काम केवल आंकड़े प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का धरातल पर समाधान करना है। सांसद ने कहा कि अगर अधिकारी इसी तरह कागजी आंकड़ों के सहारे काम करते रहे तो आम जनता का भरोसा प्रशासन से उठ जाएगा।
शिविर के दौरान सांसद ने विशेष रूप से पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से जवाब मांगा और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
सांसद ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि जिला प्रशासन का रवैया नहीं बदला और समस्याओं का वास्तविक समाधान नहीं हुआ, तो वे पूरे मामले की लिखित शिकायत शासन स्तर पर करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को जनहित के मामलों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करने की नसीहत दी।
इस दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता और शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू, जिला पंचायत सदस्य कांति सोमेश्वरी, केंद्रीय बैंक दुर्ग के उपाध्यक्ष नरेश यादव, नगर पंचायत गुंडरदेही अध्यक्ष प्रमोद जैन, भाजपा नेता टोमन साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष अर्जुंदा जीतू विश्वास गुप्ता और राजू अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ग्राम मटिया में आयोजित यह शिविर अब प्रशासनिक कार्यशैली और जनसमस्याओं के वास्तविक समाधान को लेकर जिले में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।