मीडिया फॉर चिल्ड्रन अवार्ड 2026 से सम्मानित हुए प्रदेश के पत्रकार और फोटोग्राफर
यूनिसेफ और एमसीसीआर ट्रस्ट द्वारा आयोजित मीडिया फॉर चिल्ड्रन अवार्ड 2026 में बच्चों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर उत्कृष्ट रिपोर्टिंग करने वाले 9 पत्रकारों और 2 फोटोग्राफरों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम रायपुर में आयोजित हुआ।
UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर l बच्चों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर उत्कृष्ट पत्रकारिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यूनिसेफ और एमसीसीआर ट्रस्ट द्वारा आयोजित मीडिया फॉर चिल्ड्रन अवार्ड 2026 में प्रदेश के पत्रकारों और फोटोग्राफरों को सम्मानित किया गया। राजधानी रायपुर के एक होटल में आयोजित समारोह में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े विषयों पर श्रेष्ठ रिपोर्टिंग करने वाले 9 पत्रकारों और 2 फोटोग्राफरों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
यूनिसेफ द्वारा वर्ष 2020 में शुरू किए गए इस विशेष सम्मान का उद्देश्य बच्चों और महिलाओं के अधिकारों, उनकी चुनौतियों, उपलब्धियों और नवाचारों को समाज के केंद्र में लाना है। एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से छत्तीसगढ़ में संचालित यह राज्य का एक विशिष्ट मीडिया सम्मान है, जो बाल हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने वाले मीडिया कर्मियों को प्रोत्साहित करता है।
इस वर्ष आयोजित मीडिया फॉर चिल्ड्रन अवार्ड का विषय “बाल अधिकारों के लिए सशक्त मीडिया, सुरक्षित बचपन की दिशा” रखा गया था। इस थीम के अंतर्गत बड़ी संख्या में प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें से जूरी द्वारा चयनित पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
डिजिटल मीडिया श्रेणी में रूचि पांडेय को सम्मान मिला। प्रिंट मीडिया श्रेणी में अनुज नहरिया, विक्रम तिवारी, यशवंत चक्रधारी और यशवंत सिन्हा को सम्मानित किया गया। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया श्रेणी में कुश अग्रवाल को पुरस्कार प्रदान किया गया। फोटो पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रदीप डडसेना और हेमंत गोस्वामी को सम्मान मिला। वहीं रचनात्मक उत्कृष्टता श्रेणी में जॉन राजेश पॉल, आर.के. गांधी और नारद योगी को सम्मानित किया गया।
पुरस्कार समारोह में यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की प्रमुख सीमा कुमार ने पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण, बाल सुरक्षा, कुपोषण और बाल अधिकारों से संबंधित अनेक मामलों में मीडिया की खबरें प्रशासन और समाज का ध्यान आकर्षित करती हैं, जिससे समय पर कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
कार्यक्रम में प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त निदेशक निर्मला यादव और उप निदेशक स्मृति देवांगन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र की प्राथमिकताओं और जनजागरूकता में मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला। यूनिसेफ के संचार एवं जनसंपर्क विशेषज्ञ अनिल गुलाटी ने स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मीडिया के योगदान को रेखांकित किया। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ गजेंद्र सिंह ने यूनिसेफ द्वारा बच्चों और महिलाओं के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
आयोजकों ने कहा कि मीडिया फॉर चिल्ड्रन अवार्ड का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट पत्रकारिता को सम्मानित करना नहीं, बल्कि समाज में बाल अधिकारों और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से सामने लाने के लिए मीडिया को प्रेरित करना भी है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार, मीडिया प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।