‘मन की बात’ से प्रेरित हुए बाल आश्रम के बच्चे, वर्णिका शर्मा ने कराई आम प्रदर्शनी की सैर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण बाल आश्रम के बच्चों के साथ करते हुए बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने बच्चों की जिज्ञासाओं को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में आम की विभिन्न प्रजातियों का उल्लेख सुनने के बाद बच्चों की इच्छा पर उन्हें आम प्रदर्शनी की सैर कराई गई, जहां उन्होंने नई जानकारी प्राप्त की और आनंददायक अनुभव हासिल किया।

Jun 2, 2026 - 12:42
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‘मन की बात’ से प्रेरित हुए बाल आश्रम के बच्चे, वर्णिका शर्मा ने कराई आम प्रदर्शनी की सैर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण ने इस बार बाल आश्रम के बच्चों के बीच विशेष उत्साह का माहौल बना दिया। कार्यक्रम का श्रवण छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने बच्चों के साथ किया। इस दौरान बच्चों ने प्रधानमंत्री के विचारों और प्रेरणादायक संदेशों को ध्यानपूर्वक सुना तथा विभिन्न विषयों को लेकर अपनी जिज्ञासाएं भी व्यक्त कीं।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धियों की सराहना की। प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच से छत्तीसगढ़ के एक खिलाड़ी का उल्लेख किए जाने से बच्चों में गर्व और उत्साह का माहौल देखने को मिला। बच्चों ने खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने और अपने राज्य का नाम रोशन करने की प्रेरणा प्राप्त की।

‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाने वाले प्रसिद्ध आमों और गर्मी के मौसम में उपयोग किए जाने वाले पारंपरिक पेय पदार्थों का भी जिक्र किया। आम की विभिन्न किस्मों और उनसे जुड़ी रोचक जानकारियों ने बच्चों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बच्चों ने आम की अलग-अलग प्रजातियों को नजदीक से देखने और उनके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त की।

बच्चों की उत्सुकता को देखते हुए वर्णिका शर्मा ने तुरंत पहल करते हुए उनके लिए आम प्रदर्शनी की सैर की व्यवस्था कराई। विशेष बस के माध्यम से बच्चों को प्रदर्शनी स्थल तक पहुंचाया गया, जहां उन्होंने विभिन्न प्रकार के आमों को देखा और उनके बारे में विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की। बच्चों ने आमों की विविध प्रजातियों, उनके स्वाद, रंग, आकार और उत्पादन क्षेत्रों के बारे में विस्तार से जाना।

प्रदर्शनी के दौरान बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दी। कई बच्चों ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर आमों की विभिन्न किस्मों को एक साथ देखा। इस अनुभव ने न केवल उनका मनोरंजन किया बल्कि उन्हें कृषि, बागवानी और स्थानीय उत्पादों के महत्व के बारे में भी नई जानकारी प्रदान की।

वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों का समग्र विकास केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें शिक्षा के साथ-साथ ऐसे अवसर भी मिलने चाहिए, जिनसे वे नए अनुभव प्राप्त कर सकें और अपनी जिज्ञासाओं को विकसित कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रेरणादायक संदेश बच्चों को सकारात्मक सोच और नए विषयों को जानने के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के मन में उठने वाले सवालों और रुचियों को समझना तथा उन्हें सही दिशा देना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से बाल संरक्षण आयोग समय-समय पर बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक गतिविधियों का आयोजन करता है।

यह पहल बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुई। ‘मन की बात’ से मिली प्रेरणा और आम प्रदर्शनी की सैर ने उन्हें नई जानकारी, आनंद और सीख का अवसर प्रदान किया। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।