धर्मनगरी कवर्धा में शिवभक्ति का महासागर, महाकाल की बारात में झूमेंगे श्रद्धालु, शिव–गौरी विवाह के साक्षी बनेंगे नगरवासी
महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को धर्मनगरी कवर्धा में भगवान श्री महाकाल की भव्य बारात और शिव–गौरी का दिव्य विवाह आयोजित होगा। काल भैरव की पहली अलौकिक झांकी, पर्यावरण संरक्षण का संदेश और विशाल भक्ति आयोजन इस वर्ष की विशेष पहचान होगी।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। धर्म, आस्था और संस्कृति की त्रिवेणी कही जाने वाली धर्मनगरी कवर्धा एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगने जा रही है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आगामी 15 फरवरी (रविवार) को भगवान श्री महाकाल की भव्य बारात एवं भगवान शिव–माता गौरी के दिव्य विवाह का विराट आयोजन पूरे श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ संपन्न होगा। इस आयोजन को लेकर नगर में उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है।
इस भव्य धार्मिक आयोजन की तैयारियों में आयोजन समिति बाबा श्री महाकाल भक्त मंडल, धर्मनगरी कवर्धा पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटी हुई है। विगत पाँच वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा यह आयोजन हर वर्ष अपनी भव्यता, नवीनता और आध्यात्मिक संदेश के कारण नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में विशेष पहचान बना चुका है।
धर्म, संस्कृति और आस्था का जीवंत संगम
बाबा श्री महाकाल भक्त मंडल के विकाश केशरी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2:30 बजे बूढ़ामहादेव मंदिर में महाभिषेक से होगी। इसके पश्चात भगवान श्री महाकाल की अलौकिक बारात नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई भव्य शोभायात्रा के रूप में निकाली जाएगी।
शोभायात्रा में पारंपरिक नृत्य, आकर्षक झांकियाँ एवं धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ श्रद्धालुओं का मन मोह लेंगी। बारात नगर भ्रमण करते हुए माँ महामाया मंदिर स्थित भारत माता प्रतिमा परिसर पहुँचेगी, जहाँ भगवान शिव एवं माता गौरी का दिव्य विवाह वैदिक विधि-विधान से संपन्न होगा। विवाह उपरांत भगवान श्री महाकाल की भव्य भस्म आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु साक्षी बनेंगे।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
आयोजन के छठे वर्ष में इस बार कार्यक्रम को पर्यावरण संरक्षण की भावना को समर्पित किया गया है। भगवान महाकाल की प्रतिमा निर्माण से लेकर अन्य व्यवस्थाओं तक प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का संदेश दिया जाएगा, ताकि समाज में हरित चेतना का प्रसार हो सके।
देश में पहली बार काल भैरव की झांकी
इस वर्ष कार्यक्रम का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आकर्षण काल भैरव की भव्य झांकी होगी। हरियाणा के सिरसा से आए देश के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा देश में पहली बार काल भैरव की अलौकिक झांकी प्रस्तुत की जाएगी। काल भैरव के साथ भूत-प्रेत स्वरूपों की झांकी भी महाकाल की बारात का हिस्सा बनेगी।
बाहुबली हनुमान और नरसिंह भगवान की झांकी
महाकाल की बारात में बाहुबली हनुमान जी एवं भगवान नरसिंह की दिव्य झांकियाँ भी शामिल होंगी, जो धर्म, शक्ति और अधर्म पर विजय का संदेश देंगी।
51 किलो लड्डू का महाभोग
कार्यक्रम के अंतर्गत भगवान श्री महाकाल को 51 किलो लड्डू का महाभोग अर्पित किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण किया जाएगा।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में बाबा श्री महाकाल भक्त मंडल, कवर्धा के सदस्य सुधीर केशरवानी, आकाश यदु, नीरज चंद्रवंशी, निमेश चंद्रवंशी, निक्कू आमदे, अंकित देवांगन, केतुल नाग, अभिषेक आमदे, राजा झरिया, यकीन ठाकुर, रूपेश चंद्रवंशी, लेखा चंद्रवंशी, करण धर्मी, रितेश यदु, चिराग यादव, युवराज चंदेल, अविनाश गुप्ता, कन्नू सोनी, अमित धुर्वे, शुभम शर्मा, प्रशांत मिश्रा, लोकेंद्र ठाकुर, रूपेश श्रीवास, मनीष चंद्रवंशी, सौरभ नामदेव, वेदांत शर्मा, निखिल यदु, विवेक जायसवाल, बृजेश चंद्रवंशी, अमन बर्वे, गौरांश पाल, अतुल पाण्डेय, स्वप्निल चंद्रवंशी, अनुराग साहू, अनमोल चंद्रवंशी, आनंद साहू, श्रेयांक चंद्रवंशी, तुलसी ठाकुर, अक्षय केशरी, रोहन शर्मा, अंकित चौबे सहित अनेक कार्यकर्ता दिन-रात जुटे हुए हैं।
महाशिवरात्रि का पर्व त्याग, तप, संयम और प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश देता है। आयोजन समिति ने धर्मनगरी कवर्धा के समस्त श्रद्धालुओं से इस भव्य आयोजन में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।