गणतंत्र दिवस पर शिक्षा का महापर्व, जिले के हर गांव में गूंजा उल्लास मेला

गणतंत्र दिवस के अवसर पर मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के सभी गांवों व वार्डों में उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान के तहत भव्य उल्लास मेला आयोजित किया गया। मेले के माध्यम से नवसाक्षरों व असाक्षरों में शिक्षा, डिजिटल और जीवन कौशल के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई।

Jan 31, 2026 - 18:37
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गणतंत्र दिवस पर शिक्षा का महापर्व, जिले के हर गांव में गूंजा उल्लास मेला

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप पाटकर, एमसीबी | गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जिला मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर में शिक्षा और जन-जागरूकता का एक अनूठा उत्सव देखने को मिला। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री अंकिता सोम शर्मा के मार्गदर्शन में जिले के तीनों विकासखंडों के समस्त ग्रामों एवं वार्डों में उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान के अंतर्गत भव्य उल्लास मेला आयोजित किया गया।

उल्लास मेला का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नवसाक्षर एवं असाक्षर महिला-पुरुषों में शिक्षा के प्रति रुचि जागृत करना तथा उन्हें बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान के साथ-साथ वित्तीय, डिजिटल, कानूनी, स्वास्थ्य साक्षरता और जीवन कौशल से जोड़ना रहा।

मेले में शिक्षा को सरल, सहज और रोचक बनाने के लिए विभिन्न गतिविधि-आधारित स्टॉल लगाए गए। इनमें रिंग फेंको, वर्ण पहचानो, उंगली दौड़, जोड़ मशीन, जोड़ी मिलाओ और सुरीली कुर्सी जैसी खेल-आधारित शिक्षण गतिविधियाँ शामिल रहीं, जिनमें ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सीखने की प्रक्रिया को आनंदमय बनाया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम शर्मा द्वारा जिले के सभी ग्रामों में शत-प्रतिशत उल्लास मेला आयोजन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अमले को सक्रिय किया गया। कार्यक्रम की सतत निगरानी के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई, जहां से फोटोग्राफ एवं वीडियो के माध्यम से आयोजन की नियमित रिपोर्टिंग की गई।

इसके साथ ही प्रशासन द्वारा 26 जनवरी 2026 तक सभी ग्रामों में असाक्षर व्यक्तियों का शत-प्रतिशत सर्वेक्षण कर वेब पोर्टल पर समय-सीमा में प्रविष्टि पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। इस पहल से जिले में साक्षरता अभियान को नई ऊर्जा मिली है और शिक्षा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उल्लास मेला न केवल गणतंत्र दिवस को शिक्षा के महापर्व के रूप में स्थापित करने का माध्यम बना, बल्कि जिले को पूर्ण साक्षरता की ओर अग्रसर करने में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है।