छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025-30 को मंजूरी, 5 हजार स्टार्टअप को मिलेगा प्रोत्साहन

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंजूरी दी है। नई नीति के तहत वर्ष 2030 तक 5 हजार से अधिक स्टार्टअप को आर्थिक सहायता, इनक्यूबेशन और तकनीकी सहयोग मिलेगा।

Feb 4, 2026 - 18:34
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छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025-30 को मंजूरी, 5 हजार स्टार्टअप को मिलेगा प्रोत्साहन

UNITED NEWS OF ASIA. भूपेंद्र साहू, कोरबा | छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद ने “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में नवाचार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा प्रदेश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में विकसित करना है। नई नीति राज्य के युवाओं को उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने के साथ उन्हें आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराएगी।

नीति के तहत वर्ष 2030 तक 5 हजार से अधिक DPIIT-पंजीकृत स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकार वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, बाजार संपर्क, क्षमता निर्माण तथा तकनीकी एवं बौद्धिक संपदा समर्थन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य सरकार स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर अधोसंरचना और सहयोग तंत्र विकसित कर रही है।

नई नीति में स्टार्टअप्स को आर्थिक मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इसमें 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप कैपिटल फंड और 50 करोड़ रुपये का क्रेडिट रिस्क फंड शामिल है। इसके अलावा नए स्टार्टअप्स को उत्पाद विकास के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता, 50 लाख रुपये तक के ऋण पर पांच वर्षों तक 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा तीन वर्षों तक किराया अनुदान का प्रावधान किया गया है।

सरकार ने मशीनरी एवं उपकरणों पर 35 प्रतिशत तक पूंजी निवेश अनुदान, पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणीकरण के लिए 75 प्रतिशत तक सहायता तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी हेतु आर्थिक सहयोग भी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

नीति के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के आधार पर इनक्यूबेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके तहत आधुनिक सुविधाओं से युक्त मेगा इनक्यूबेटर स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को तकनीकी सहयोग, निवेश मार्गदर्शन और अधोसंरचना उपलब्ध कराएंगे। साथ ही विभिन्न जिलों में स्पोक इनक्यूबेटर्स के माध्यम से नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा।

सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों में कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित कर छात्र नवाचार को भी प्रोत्साहित करेगी। चयनित कॉलेजों को संचालन के लिए प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।

राज्य सरकार का मानना है कि यह नीति “अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन 2047” के लक्ष्यों के अनुरूप प्रदेश को नवाचार आधारित उद्योग और स्टार्टअप का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू की जा रही यह नीति प्रदेश के युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगी।