GPM News : आदिवासी कन्या छात्रावास में किशोरी बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम
दक्षिणाम सेवा फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा पोस्ट-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, मरवाही में किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बालिकाओं को माहवारी, गुड टच-बैड टच, स्वच्छता और आत्मरक्षा के विषय में मार्गदर्शन दिया गया और सभी को पेन एवं सेनेटरी पैड वितरित किए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. सत्यम दीक्षित, गौरेला पेंड्रा मरवाही। किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मविश्वास को सशक्त बनाने के लिए दक्षिणाम सेवा फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा पोस्ट-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, मरवाही में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरी बालिकाओं को माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना, स्वच्छता के महत्व को समझाना और गुड टच–बैड टच जैसे संवेदनशील विषयों पर मार्गदर्शन देना था।
कार्यक्रम में छात्रावास की बड़ी संख्या में बालिकाओं ने भाग लिया। आयोजन संवादात्मक और शिक्षाप्रद रहा, जहाँ बालिकाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं और जिज्ञासाएं साझा कीं।
मुख्य वक्ता डॉक्टर दिव्या ने किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म के दौरान शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तनों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि माहवारी कोई बीमारी नहीं बल्कि स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, और इस दौरान स्वच्छता बनाए रखना, संतुलित आहार लेना और स्वयं की देखभाल करना आवश्यक है।
प्रियदर्शनी नहरेल, डायरेक्टर, दक्षिणाम सेवा फाउंडेशन ने कहा कि किशोरावस्था में सही मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने माहवारी के समय स्वच्छता, सावधानी और सकारात्मक सोच बनाए रखने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में 74 वर्षीय उर्मिला राय ने बालिकाओं को संस्कार, आत्मसम्मान और संयम का महत्व बताया। आरती गुप्ता (गायत्री परिवार) ने नैतिक मूल्यों, आत्मरक्षा और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम का संचालन छात्रावास अधिक्षिका आँचल तिवारी ने किया और दक्षिणाम सेवा फाउंडेशन के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। सुभाषिनी दुबे ने भी हर कन्या छात्रावास में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंत में संस्था ने सभी बालिकाओं को पेन और सेनेटरी पैड वितरित किए, जिससे स्वच्छता के प्रति जागरूकता और व्यवहारिक सहायता सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर संस्था प्रमुख योगेंद्र सिंह नहरेल ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, छात्रावास प्रशासन और बालिकाओं का आभार व्यक्त किया।
यह जागरूकता कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने का माध्यम बना, बल्कि किशोरी बालिकाओं को स्वच्छ जीवनशैली और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान कर गया।