सुकमा में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने फूंका प्रधानमंत्री का पुतला

दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सुकमा में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की।

Jul 22, 2026 - 11:15
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सुकमा में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने फूंका प्रधानमंत्री का पुतला

UNITED NEWS OF ASIA. रिजेंट गिरी, सुकमा l दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध की गूंज अब छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले तक पहुंच गई है। मंगलवार को जिला युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय सुकमा में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की।

प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी की और छात्रों पर बल प्रयोग की घटना की निंदा की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों को अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठाने का अधिकार है। उनका आरोप था कि छात्रों पर लाठीचार्ज कर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है। उनका मानना है कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में असहमति व्यक्त करने का अधिकार नागरिकों का मौलिक अधिकार है और सरकार को संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष ऋषभ चौहान ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज कराया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह घटना छात्रों के हितों के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाती है। उनके अनुसार, युवा कांग्रेस हमेशा छात्रों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी तथा ऐसे मामलों में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती रहेगी।

प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने और उनका समाधान निकालने के बजाय बल प्रयोग करना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से छात्रों से संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध और अपनी बात रखने की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि देश का भविष्य युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

सुकमा में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिला युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसके दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों और विरोध को लोकतांत्रिक तरीके से व्यक्त किया।

यह प्रदर्शन दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन का हिस्सा बताया जा रहा है। युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का कहना है कि वे छात्रों के अधिकारों, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे। वहीं प्रशासन की ओर से इस प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।