केसली में निर्माणाधीन जनपद पंचायत भवन के विरोध में धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन

सागर जिले के केसली में निर्माणाधीन जनपद पंचायत भवन पर रोक लगाने की मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज की घटना का भी विरोध जताते हुए राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

Jul 22, 2026 - 10:54
 0  2
केसली में निर्माणाधीन जनपद पंचायत भवन के विरोध में धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. योगेश विश्वकर्मा, सागर l सागर जिले के केसली में निर्माणाधीन जनपद पंचायत भवन को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है। भवन निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर नागरिकों ने धरना प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार केसली को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की घटना का भी विरोध दर्ज कराया गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केसली जनपद मुख्यालय पर जनपद पंचायत भवन का निर्माण उस स्थान पर किया जा रहा है, जिसे स्थानीय लोग वर्षों से पशु बाजार के रूप में जानते हैं। उनके अनुसार यह केवल एक बाजार नहीं, बल्कि केसली की पहचान और गौरव का प्रतीक है। ऐसे में इस स्थान पर सरकारी भवन बनने से पशु बाजार का अस्तित्व समाप्त होने का खतरा पैदा हो गया है।

ज्ञापन में बताया गया कि प्रस्तावित निर्माण स्थल के आसपास शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय कन्या माध्यमिक शाला और शासकीय प्राथमिक बालक शाला संचालित हैं। इसके अलावा कन्या छात्रावास का मार्ग भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भवन निर्माण होने से छात्रावास तक पहुंचने का रास्ता प्रभावित होगा, जिससे छात्राओं को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जनपद पंचायत भवन के लिए लगभग 2.50 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है। यदि पूरे क्षेत्र में निर्माण कार्य किया गया तो पशु बाजार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उनका कहना है कि पशु बाजार क्षेत्र के किसानों, पशुपालकों और व्यापारियों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए वैकल्पिक स्थान पर भवन निर्माण किया जाना चाहिए।

धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि निर्माण कार्य नहीं रोके जाने की स्थिति में गुरुवार को बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की घटना की भी निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों के साथ इस प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।

ज्ञापन सौंपने वालों में अंबिका सोनी, उमेश खेंहुरिया, अनिरुद्ध सिंह, गोवर्धन तिवारी, अर्पित यादव, पलटू यादव, बंदन परते, राजकुमार, थानसिंह, अजय, अफजल खान, नर्मदा, मुकेश, वीरेंद्र सिंह, हेमराज और सोहिल खान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल रहे। प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों की उपस्थिति ने इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में बढ़ती जनभावना को भी दर्शाया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन सार्वजनिक हित, शिक्षा व्यवस्था और पारंपरिक पशु बाजार को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है कि वह इस मामले में क्या निर्णय लेता है।