सुशासन तिहार 2026: खपरी और दल्लीराजहरा शिविरों में हजारों आवेदनों का मौके पर निराकरण
बालोद जिले में सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित खपरी और दल्लीराजहरा शिविरों में हजारों आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया। शिविरों में हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत जिले में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 05 मई 2026 को ग्राम खपरी और नगर पालिका दल्लीराजहरा में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और शहरी नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं।
खपरी में आयोजित शिविर में कुल 4505 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3938 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। वहीं दल्लीराजहरा शिविर में 501 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 98 मामलों का त्वरित समाधान किया गया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रशासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य किया जा रहा है।
शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इनमें राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, आवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों का वितरण किया गया। इसके अलावा सुपोषण किट, श्रवण यंत्र, छड़ी जैसे सहायक उपकरण भी जरूरतमंदों को उपलब्ध कराए गए, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हो सके।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष तोमन साहू, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम नूतन कंवर, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। दल्लीराजहरा शिविर में नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू और अन्य जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने किसानों से एग्रीस्टेक पंजीयन कराने की अपील करते हुए जल संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया।
शिविर के दौरान एक बीमार व्यक्ति के इलाज के लिए कलेक्टर द्वारा तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए, जिससे प्रशासन की संवेदनशीलता भी देखने को मिली। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों ने उठाया।
सुशासन तिहार के तहत आयोजित ये शिविर आम जनता और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से जहां लोगों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही हो रहा है, वहीं शासन की योजनाओं का लाभ भी पात्र हितग्राहियों तक आसानी से पहुंच रहा है। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूती मिल रही है।