यह कार्रवाई वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो, भोपाल (भारत सरकार) एवं राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल, रायपुर (छत्तीसगढ़) से प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर गठित संयुक्त जांच टीम द्वारा की गई। टीम में कवर्धा वनमंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे।
संयुक्त टीम ने तरेगांव क्षेत्र के ग्राम गुडली एवं कवर्धा परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम चोरभट्टी में दबिश देकर यह कार्रवाई की। दिनांक 20 मार्च 2026 को आरोपियों के कब्जे से दो तेंदुआ खाल, हड्डी, नाखून सहित अन्य वन्यजीव अवशेष जप्त किए गए।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में संतराम धुर्वे (ग्राम चोरभट्टी), सुखराम मेरावी (ग्राम गुडली), अघनू धुर्वे (ग्राम आमानारा), सहैततर मरकाम (ग्राम सिंघारी) एवं कनस टेकाम (ग्राम बेन्दा) शामिल हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे तेंदुआ खाल का उपयोग पूजा-पाठ एवं तांत्रिक गतिविधियों में करते थे।
वन विभाग द्वारा आरोपियों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं 9, 39, 44, 50, 51 एवं 52 के तहत वन अपराध क्रमांक 20730/17 दिनांक 20.03.2026 दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है।
दिनांक 21 मार्च 2026 को सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वन विभाग द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है