कबीरधाम रक्षित केंद्र का वार्षिक निरीक्षण संपन्न, पुलिस अधीक्षक ने दिए सख्त निर्देश

कबीरधाम जिले के रक्षित केंद्र का वार्षिक निरीक्षण पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस लाइन की व्यवस्थाओं, संसाधनों और प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

Apr 29, 2026 - 13:08
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कबीरधाम रक्षित केंद्र का वार्षिक निरीक्षण संपन्न, पुलिस अधीक्षक ने दिए सख्त निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम। जिले के रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) का वार्षिक निरीक्षण 28 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (भा.पु.से.) द्वारा संपन्न किया गया। यह निरीक्षण 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि के कार्यों और व्यवस्थाओं के मूल्यांकन के उद्देश्य से किया गया था। निरीक्षण के दौरान पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं, संसाधनों और कार्यप्रणाली का व्यापक और सूक्ष्म परीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बल की उपलब्धता, परेड व्यवस्था, प्रशिक्षण गतिविधियों, शस्त्रागार, स्टोर शाखा, वाहन शाखा और आवासीय एवं प्रशासनिक भवनों की स्थिति का गहन अवलोकन किया। इसके साथ ही सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, विस्फोटक सामग्री के सुरक्षित भंडारण और ड्रेस स्टॉक की स्थिति का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया।

पुलिस अधीक्षक  धर्मेंद्र सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति, अनुशासन और कार्यप्रणाली की गंभीरतापूर्वक समीक्षा की। उन्होंने कार्य के प्रति लापरवाही या अनियमितता को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित शाखा प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस बल में अनुशासन और तत्परता सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान शस्त्रों की री-ड्रिलिंग, एम्युनिशन की उपलब्धता और स्थिति की विशेष रूप से जांच की गई। साथ ही पुलिस वाहनों के रखरखाव और उनकी कार्यक्षमता का भी मूल्यांकन किया गया। सुरक्षा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस बल पूरी तरह सक्षम रहे।

इस अवसर पर रक्षित निरीक्षक  महेश्वर सिंह, स्टेनो  युवराज आसटकर, रीडर  शालिकराम साहू सहित रक्षित केंद्र की विभिन्न शाखाओं में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान पुलिस लाइन में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और नव आरक्षकों के प्रशिक्षण की भी समीक्षा की गई।

पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल का प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम होना अत्यंत आवश्यक है। नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण से ही पुलिस बल की कार्यक्षमता में वृद्धि संभव है।

 धर्मेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि जनता के बीच उसके व्यवहार और कार्यप्रणाली से बनती है, इसलिए सभी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।

अंत में, पुलिस अधीक्षक ने रक्षित केंद्र की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधार शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण को पुलिस विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में कार्यप्रणाली और अधिक बेहतर होने की उम्मीद है।