सहकारिता से किसानों की समृद्धि का नया मॉडल बनेगा कबीरधाम, कृषक संगोष्ठी में उप मुख्यमंत्री का आह्वान

कवर्धा में सहकारिता सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सहकारिता को किसानों की आर्थिक समृद्धि का मजबूत माध्यम बताया। कार्यक्रम में किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण और मत्स्य पालन के लिए मछली कीट वितरित किए गए तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता छात्राओं को सम्मानित किया गया।

Jul 7, 2026 - 15:32
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सहकारिता से किसानों की समृद्धि का नया मॉडल बनेगा कबीरधाम, कृषक संगोष्ठी में उप मुख्यमंत्री का आह्वान

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सहकारिता सप्ताह का समापन सोमवार को पीजी कॉलेज डोम, कवर्धा में जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी के साथ हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय ने की, जबकि पंडरिया विधायक भावना बोहरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। संगोष्ठी में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सहकारिता आधारित विकास और सामूहिक भागीदारी के माध्यम से आर्थिक समृद्धि का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान आठ किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण और मत्स्य पालन के लिए मछली कीट प्रदान किए गए। वहीं निबंध, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 15 बालिकाओं को सम्मानित किया गया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सहकारिता सप्ताह का समापन किसी अभियान का अंत नहीं बल्कि नए संकल्प और नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता को केवल धान खरीदी और बैंकिंग व्यवस्था तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि कोल्ड स्टोरेज, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, गैस एजेंसी संचालन तथा अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों तक इसका विस्तार किया जाना चाहिए। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने बताया कि जिले में पहले 90 सहकारी समितियां थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 138 हो गई है। उन्होंने कहा कि गांवों में सहकारिता की भावना पहले से मौजूद है और इसे संगठित रूप देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने गुजरात के बनासकांठा मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि सहकारिता के माध्यम से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि सहकारिता का मूल भाव एक-दूसरे का सहयोग और सामूहिक विकास है। उन्होंने कहा कि भारतीय गांवों में सदियों से सहयोग की संस्कृति रही है और सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद इस क्षेत्र को नई गति मिली है। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में किसानों और सहकारी संस्थाओं की सक्रिय भूमिका पर बल दिया।

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा किसानों की मेहनत और समर्पण ने बनाया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं बल्कि जनभागीदारी का प्रभावी आंदोलन है। पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों के विस्तार से किसानों की आय बढ़ रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों, किसानों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही। आयोजन के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, सहकारिता को मजबूत बनाने और सामूहिक प्रयासों के जरिए आर्थिक विकास को गति देने का संदेश दिया गया।