सक्ती में अवैध धान परिवहन पर राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक सहित सैकड़ों बोरी धान जब्त

सक्ती जिले में अवैध धान परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के तहत राजस्व विभाग ने अलग-अलग स्थानों से सैकड़ों बोरी धान जब्त कर संबंधित वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की।

Jan 14, 2026 - 13:42
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सक्ती में अवैध धान परिवहन पर राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक सहित सैकड़ों बोरी धान जब्त

UNITED NEWS OF ASIA. जीके कुर्रे, सक्ती। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टरअमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार राजस्व विभाग द्वारा लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 13 जनवरी 2026 को राजस्व विभाग ने अवैध धान परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की।

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) डभरा विनय कश्यप के नेतृत्व में गठित जांच दल ने 13 जनवरी की रात्रि लगभग 02:30 बजे तहसील डभरा अंतर्गत ग्राम केनाभाठा में एक ट्रक को रोककर जांच की। जांच के दौरान ट्रक में लगभग 600 बोरी धान, जिसकी मात्रा करीब 250 क्विंटल आंकी गई, लोड पाई गई। वाहन चालक द्वारा धान परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर ट्रक को मौके पर ही जब्त कर लिया गया और अवैध धान परिवहन का प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

इस कार्रवाई में तहसीलदार डभरा  मनमोहन प्रताप सिंह, पटवारी  हरमेन्द्र वारे,  देव कश्यप, राजेंद्र चन्द्रा सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे।

इसी क्रम में तहसील बाराद्वार अंतर्गत बाराद्वार क्षेत्र में भी तहसीलदार एवं पटवारी द्वारा संयुक्त जांच के दौरान 120 बोरी धान का अवैध परिवहन करते हुए पाया गया, जिस पर संबंधितों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की गई। वहीं ग्राम मुरलीडीह में लगभग 43 बोरी धान का अवैध परिवहन पाए जाने पर संबंधित वाहन को जब्त कर थाना जैजैपुर में सुपुर्द किया गया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अवधि के दौरान अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं कालाबाजारी के मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और किसानों के हितों की रक्षा के लिए इस प्रकार की कार्यवाहियां आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।