राज्य स्तरीय सात दिवसीय NSS शिविर में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की शानदार उपलब्धि
राज्य स्तरीय सात दिवसीय NSS आवासीय शिविर में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अनुशासन, समाज सेवा और नेतृत्व कौशल का परिचय दिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त समाज के लिए युवाओं की भूमिका को सशक्त बनाना रहा।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के अंतर्गत आने वाली राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाइयों से चयनित स्वयंसेवकों की एक विशेष टीम ने राज्य स्तरीय सात दिवसीय आवासीय शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यह शिविर 22 से 28 जनवरी 2026 तक शासकीय दाऊ कल्याण सिंह महाविद्यालय, बलौदाबाजार में राज्य NSS अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर में विश्वविद्यालय के चयनित स्वयंसेवक खिलेश कुमार, रुद्र प्रताप, करुणा गोरे, महिमा रावते, जीतू राज, राहुल देव बघेल, नितेश बंजारे, प्रदीप कुमार, रितेश, रेणुका, स्नेहा साहू, अरविंद सोनवानी, राहुल डोंगरे, डीकेश्वरी साहू, कामरान अली सिद्दीकी, पल्लवी ठाकुर, शुभम भट्ट, दीपाली देवांगन, गजेंद्र पटेल एवं राजेश्वरी उपाध्याय ने कार्यक्रम अधिकारी वजन राम साहू एवं प्रेरणा सिंह ठाकुर के नेतृत्व में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
शिविर के दौरान सातों दिन विभिन्न प्रतियोगिताएँ, परियोजना कार्य, योग अभ्यास, सांस्कृतिक रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं बौद्धिक परिचर्चाएँ आयोजित की गईं। डिजिटल पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में कामरान अली ने प्रथम स्थान, शॉर्ट वीडियो प्रतियोगिता में रुद्र प्रताप ने द्वितीय स्थान तथा रिल्स वीडियो प्रतियोगिता में शुभम भट्ट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
स्वयंसेवकों ने छत्तीसगढ़ की बस्तरिया आदिवासी संस्कृति, सरगुजिया कर्मा नृत्य एवं पारंपरिक बारामासी गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। शिविर का मुख्य केंद्र बिंदु ‘नशा मुक्त समाज’ के लिए युवाओं की भूमिका एवं नेतृत्व क्षमता का विकास रहा।
शिविर के छठवें दिन आयोजित सांस्कृतिक रैली में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा स्वयंसेवकों के साथ पैदल बलौदाबाजार नगर भ्रमण पर निकले और सांस्कृतिक समृद्धि एवं सामाजिक चेतना का संदेश दिया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि टंक राम वर्मा ने विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए।
अपने संबोधन में उन्होंने “जैसी संगत, वैसी रंगत” का उदाहरण देते हुए धीरूभाई अंबानी, रामायण की कैकई-मंथरा तथा महाभारत के दुर्योधन-शकुनि के प्रसंगों के माध्यम से अच्छी संगत के महत्व पर प्रकाश डाला और युवाओं को प्रेरणादायक संदेश दिए।
रात्रि में कैंप फायर एवं पारंपरिक गीतों के साथ सात दिवसीय शिविर का हर्षोल्लासपूर्ण समापन हुआ। विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक जनेन्द्र कुमार दीवान एवं कवर्धा-बेमेतरा जिला संगठक डॉ. के.एस. परिहार ने टीम नेतृत्वकर्ताओं एवं सभी स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह दल समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।