पांचवीं और आठवीं के विद्यार्थियों को अब तक अंकसूची नहीं, कांग्रेस ने शिक्षा विभाग पर उठाए सवाल

प्रदेश कांग्रेस ने पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को परिणाम घोषित होने के महीनों बाद भी अंकसूची नहीं मिलने पर राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इससे नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

Jun 16, 2026 - 12:44
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पांचवीं और आठवीं के विद्यार्थियों को अब तक अंकसूची नहीं, कांग्रेस ने शिक्षा विभाग पर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अंकसूची उपलब्ध नहीं होने के मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि परिणाम घोषित होने के लंबे समय बाद भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को मूल अंकसूची नहीं मिल पाई है, जिससे प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने जारी बयान में कहा कि पांचवीं और आठवीं की परीक्षाओं के परिणाम घोषित हुए ढाई महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन विद्यार्थियों को अब तक अंकसूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि इसके कारण पांचवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के छठवीं कक्षा तथा आठवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के नवमी कक्षा में प्रवेश को लेकर अभिभावकों और छात्रों में चिंता का माहौल है।

कांग्रेस का दावा है कि प्रदेश में केंद्रित परीक्षा प्रणाली के तहत शासकीय और मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं आयोजित की गई थीं तथा परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद मूल अंकसूची स्कूलों तक नहीं पहुंच पाई है। पार्टी का आरोप है कि इससे प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेज जुटाने में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि प्रदेश से बाहर पढ़ाई के लिए जाने वाले विद्यार्थियों को सबसे अधिक कठिनाई हो रही है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर मूल अंकसूची के अभाव में स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी करने में भी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

कांग्रेस ने शाला प्रवेश उत्सव के आयोजन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि जब विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज ही उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, तब प्रवेश उत्सव मनाने से वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं होगा। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार पहले विद्यार्थियों को अंकसूची उपलब्ध कराए और उसके बाद प्रवेश संबंधी कार्यक्रमों पर ध्यान दे।

बयान में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए गए हैं। कांग्रेस ने प्रदेश में शिक्षा के स्तर, शिक्षकों की उपलब्धता, स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने जैसे विषयों पर चिंता व्यक्त की है। साथ ही शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश के अवसरों में कमी का भी मुद्दा उठाया गया है।

कांग्रेस का आरोप है कि शिक्षा क्षेत्र में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विद्यार्थियों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सरकार अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को तत्काल अंकसूची उपलब्ध कराई जाए ताकि नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।

हालांकि, इस विषय पर शिक्षा विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है। अंकसूची वितरण और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय जानकारी और आधिकारिक स्पष्टीकरण के आधार पर स्पष्ट होगी।