राम वन गमन पथ परियोजना को लेकर कांग्रेस का भाजपा पर हमला, जंगल कटाई और खनन अनुमति पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस ने राम वन गमन पथ परियोजना को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि परियोजना क्षेत्र में खनन और लाखों पेड़ों की कटाई की अनुमति से परियोजना प्रभावित होगी तथा धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों पर भी खतरा पैदा हो सकता है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राम वन गमन पथ परियोजना को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर परियोजना के संबंध में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि खनन और वन भूमि उपयोग संबंधी अनुमतियों से इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने जारी बयान में कहा कि राम वन गमन पथ परियोजना को लेकर भाजपा की नीयत शुरू से ही स्पष्ट नहीं रही है। उनका आरोप है कि पहले परियोजना के खिलाफ दुष्प्रचार किया गया और अब परियोजना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई तथा कोयला खनन गतिविधियों को अनुमति देकर इसके अस्तित्व पर संकट खड़ा किया जा रहा है।
कांग्रेस का दावा है कि हसदेव क्षेत्र में प्रस्तावित खनन परियोजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में वन भूमि को गैर-वन उपयोग में परिवर्तित करने की अनुमति दी गई है। पार्टी का कहना है कि इससे क्षेत्र की जैव विविधता, पर्यावरणीय संतुलन और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों पर प्रभाव पड़ सकता है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राम वन गमन पथ परियोजना का उद्देश्य भगवान राम के वनवास काल से जुड़े स्थलों को विकसित करना और उन्हें धार्मिक-पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना था। कांग्रेस का आरोप है कि इस परियोजना के दूसरे चरण के कार्य लंबे समय से रुके हुए हैं, जबकि खनन गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कांग्रेस ने आशंका जताई है कि यदि बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई होती है तो रामगढ़ पहाड़ी, सीता गुफा, सीता रसोई और अन्य ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की प्राकृतिक पहचान प्रभावित हो सकती है। पार्टी का कहना है कि इन स्थलों का संरक्षण राज्य की सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण है।
अपने बयान में कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य धार्मिक-सामाजिक संगठनों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने पूछा है कि धार्मिक महत्व के इस विषय पर संबंधित संगठन अपना पक्ष सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे हैं।
कांग्रेस ने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि राम वन गमन पथ परियोजना क्षेत्र में दी गई खनन और जंगल कटाई संबंधी अनुमतियों की समीक्षा की जाए। साथ ही परियोजना के दूसरे चरण के विकास कार्यों को शीघ्र शुरू करने की भी मांग की गई है।
यह पूरा मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बना हुआ है। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित विभागों या भाजपा की ओर से इस प्रेस विज्ञप्ति में कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। परियोजना, खनन अनुमति और पर्यावरणीय प्रभावों से जुड़े तथ्यों का अंतिम आकलन संबंधित सरकारी अभिलेखों, तकनीकी रिपोर्टों और सक्षम प्राधिकारियों के निर्णयों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
फिलहाल राम वन गमन पथ परियोजना, पर्यावरण संरक्षण और खनन गतिविधियों को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का माहौल बना हुआ है।