भीषण गर्मी के बीच स्कूल खोलने के फैसले पर कांग्रेस का सवाल, 1 जुलाई से सत्र शुरू करने की मांग

प्रदेश कांग्रेस ने भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार से स्कूलों का नया शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई से शुरू करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि वर्तमान मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

Jun 16, 2026 - 12:49
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भीषण गर्मी के बीच स्कूल खोलने के फैसले पर कांग्रेस का सवाल, 1 जुलाई से सत्र शुरू करने की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वरसिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार से पुनर्विचार करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में जारी भीषण गर्मी और लू की परिस्थितियों को देखते हुए स्कूलों का संचालन तत्काल शुरू करना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने जारी बयान में कहा कि सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र को शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं, जबकि राज्य के कई जिलों और शहरों में तापमान अभी भी 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। ऐसे मौसम में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना व्यावहारिक नहीं है और इससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

कांग्रेस का कहना है कि वर्तमान में कई क्षेत्रों में दिन के समय तेज धूप और लू का प्रभाव बना हुआ है। ऐसे में विद्यार्थियों, विशेषकर प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के बच्चों को स्कूल आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। पार्टी ने सुझाव दिया है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश को 30 जून तक बढ़ाया जाए और नया शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई से प्रारंभ किया जाए।

वंदना राजपूत ने कहा कि प्रदेश के अनेक सरकारी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में अभी भी पर्याप्त बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई विद्यालयों में गर्मी से राहत के लिए पर्याप्त पंखे, कूलर या अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में लंबे समय तक कक्षाओं में बैठना बच्चों के लिए असुविधाजनक और स्वास्थ्य की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

उन्होंने कहा कि आम लोग भी अत्यधिक गर्मी के कारण सुबह के बाद घरों से निकलने से बच रहे हैं। ऐसे में बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने का निर्णय संवेदनशीलता के साथ लिया जाना चाहिए। कांग्रेस का मानना है कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

प्रदेश कांग्रेस ने सरकार से मौसम की वर्तमान परिस्थितियों का आकलन कर अभिभावकों, शिक्षकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि कुछ दिनों के लिए अवकाश बढ़ाने से शैक्षणिक गतिविधियों पर बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा, जबकि इससे विद्यार्थियों को संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से बचाया जा सकता है।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि यदि तापमान में कमी आने के बाद स्कूल खोले जाते हैं तो बच्चों की उपस्थिति बेहतर रहेगी और अभिभावकों की चिंताएं भी कम होंगी। पार्टी ने राज्य सरकार से बच्चों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल इस विषय पर निर्णय लेने की मांग की है।

फिलहाल स्कूल संचालन और ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि को लेकर अंतिम निर्णय राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र में है। कांग्रेस की इस मांग के बाद शिक्षा सत्र की शुरुआत और मौसम की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।