इस योजना के अंतर्गत धमतरी जिले के कुल 1,24,423 धान उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। जिले के किसानों के खातों में कुल 43477.20 लाख रुपये, अर्थात 434.772 करोड़ रुपये की अंतर राशि जमा कराई जाएगी। जिला प्रशासन के अनुसार यह भुगतान पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सीधे बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे किसानों को किसी प्रकार की अतिरिक्त औपचारिकता का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के अंतर की यह राशि एक साथ होली से पहले किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। जानकारी के अनुसार इस राशि का राज्य स्तरीय अंतरण कार्यक्रम कल बिलासपुर जिले से किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे प्रदेश के सभी विकासखंडों में इस अवसर को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
धमतरी जिले में भी इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिले की नई कृषि उपज मंडी श्यामतराई के अलावा कुरूद में नई कृषि उपज मंडी, मगरलोड के मधुबन धाम रांकाडीह तथा नगरी विकासखंड की कृषि उपज मंडी में कार्यक्रम आयोजित कर किसानों के साथ इस उपलब्धि का उत्सव मनाया जाएगा।
राज्य स्तर पर इस वर्ष कुल 25 लाख 24 हजार किसानों से लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। वहीं धमतरी जिले में 1,24,423 किसानों से कुल 59,64,994 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। इस धान खरीदी का कुल मूल्य 141437.62 लाख रुपये अर्थात 1414.3762 करोड़ रुपये बताया गया है।
राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जो वर्तमान में देश में सर्वाधिक समर्थन मूल्य में शामिल है। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
सरकार के निर्णय के अनुसार धान के समर्थन मूल्य और किसानों को देय राशि के बीच के अंतर के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि होली से पहले प्रदेश के किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। इससे किसानों को आगामी खरीफ और रबी फसलों की तैयारी, बीज, खाद एवं कृषि कार्यों के लिए आर्थिक संबल मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।